विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 26, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Varanasi Boat Accident : नाव में नहीं थे सुरक्षा के साधन, पुलिस नाविक के खिलाफ करेगी कार्रवाई

By Abhishek SharmaEdited By:
Published: Sat, 26 Nov 2022 12:25 PM (IST)Updated: Sat, 26 Nov 2022 01:06 PM (IST)

Boat Accident in Varanasi वाराणसी में शीतला घाट के पार गंगा में नाव डूबने के बाद आखिरकार अब पुलिस सुरक्षा ...और पढ़ें

पुलिस अब विधिक कार्रवाई करने की तैयारी में है।
पुलिस अब विधिक कार्रवाई करने की तैयारी में है।

वाराणसी, जागरण संवाददाता। Police will take action against boatman : नाव हादसे के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से नाविक की लापरवाही को प्रारंभिक तौर पर जिम्‍मेदार माना गया है। इस हादसे में अधिक सवारियों को बैठाने की वजह से नाव का बैलेंस बनाने के लिए जोड़ा गया पटरा बोझ न सह पाने की वजह से टूट गया। जिससे नाव में पानी भरने लगा और हादसे में 34 लोग नदी में डूबने लगे। हालांकि, दो लोग नाव से कूदने की वजह से चोटिल हो गए जिनको अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों ही घायल आदि नारायणा और ओपी विजया (पति-पत्नी) आंध्र के राजामंद्री जिले के निवासी बताए गए हैं।

पर्यटकों की सुरक्षा के साथ वाराणसी में खिलवाड़ लंबे समय से होता रहा है। पूर्व में भी नौका हादसों में लापरवाही सामने आई है। सुबह सुरक्षा को लेकर सवाल उठाने के बाद www.jagran.com पर खबर में सुरक्षा की पड़ताल की खबर सामने आने के साथ ही पुलिस राहत और बचाव कार्य से निपटने के बाद जांच में जुट गई। जांच में सामने यही आया कि नौका में सुरक्षा के उपायों का पालन नहीं किया गया था। ऐसे में पुलिस अब हादसे के जिम्‍मेदार नौका चालक अमित साहनी के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। 

यह भी पढ़ें : Varanasi Boat Accident : आंध्र प्रदेश के सैलानियों से भरी नाव पलटते ही सक्रिय हुआ जिला प्रशासन

नौका में नहीं थे बचाव के उपाय

नौका संचालक की ओर से नाव में हर यात्री के साथ लाइफ जैकेट अनिवार्य तौर पर होना चाहिए। हादसे की सूरत में लोगों की जान की रक्षा के लिए नाव पर लाइफ गार्ड की भी तैनाती अनिवार्य है। इसके साथ ही नौका की फ‍िटनेस भी ठीक नहीं होने की वजह से पटरा टूटने की बात सामने आई है। लेकिन, इन प्रारंभिक सुरक्षा उपायों पर भी नौका चालक ने कोई ध्‍यान नहीं दिया। ऐसे में सुरक्षा उपायों को धता बताते हुए यात्रियों की जान जोखिम में डालने का भी चालक पर आरोप है। वहीं नाविक के फरार होने से भी कई सवाल खड़े हुए हैं। ऐसे में विधिक कार्रवाई नौका चालक पर पुलिस कर रही है।  

पुलिस करेगी विधिक कार्रवाई

''सवा सात बजे केदार घाट से आंध्र प्रदेश के श्रद्धालुओं को लेकर नाव निकली थी। शीतला घाट के सामने पटरा टूटने की वजह से नाव में पानी भर गया और मल्‍लाह व जल पुलिस की सहायता से सभी को बचा लिया गया है। नाव में लाइफ जैकेट और बचाव के उपाय नहीं होने की वजह से यह हादसा हुआ है। इस बाबत संबंधित पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।'' - अवधेश पांडेय, एसीपी वाराणसी।

यह भी पढ़ें : Varanasi Boat Accident : शीतला घाट पर सैलानियों से भरी ओवरलोडेड नाव डूबी, 34 लोग थे सवार, दो गंभीर

यह भी पढ़ें : गंगा में डूब रही थी 30 से अधिक सैलानियों ने भरी नाव, हादसा होते देखकर फरार हो गया नाविक