जिला जज की अदालत में अमिताभ ठाकुर की जमानत की अर्जी पर सुनवाई टली, अगली तिथि पांच जनवरी नियत
अमिताभ ठाकुर की जमानत अर्जी पर सुनवाई बनारस बार एसोसिएशन चुनाव के कारण टल गई है। जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत ने अगली सुनवाई की तिथि 5 जनवरी निर्धारि ...और पढ़ें

अमिताभ ठाकुर की पिछली जमानत अर्जी 22 दिसंबर को खारिज हो गई थी।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। बनारस बार एसोसिएशन चुनाव के कारण शुक्रवार को पूर्व आइपीएस अमिताभ ठाकुर की जमानत अर्जी पर सुनवाई टल गई। जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत ने जमानत प्रार्थना पत्र पर अगली सुनवाई की तिथि पांच जनवरी निर्धारित की है।
ज्ञात हो कि हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारी और वीडीए के मानद सदस्य अंबरीष सिंह भोला ने नौ दिसंबर को चौक थाना में अमिताभ ठाकुर के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि 30 नवंबर को अमिताभ ठाकुर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें बहुचर्चित कफ सीरप मामले में बिना किसी साक्ष्य के उनकी संलिप्तता का आरोप लगाया गया।
बताया गया कि इस वीडियो में भ्रामक और गलत तथ्यों का प्रचार किया गया, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर आघात पहुंचा। इस मामले में पुलिस ने अमिताभ ठाकुर, उनकी पत्नी डा. नूतन ठाकुर और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
अदालत द्वारा इस मामले में वारंट 'बी' जारी होने के बाद पुलिस ने 19 दिसंबर को अमिताभ ठाकुर को देवरिया जेल से लाकर प्रभारी विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजीव मुकुल पांडेय की अदालत में पेश किया। न्यायिक रिमांड बनने के बाद पुलिस उन्हें वापस लेकर देवरिया चली गई। इसके बाद जमानत अर्जी पर अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कृष्ण कुमार की अदालत ने 22 दिसंबर को अमिताभ ठाकुर की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी।
अमिताभ ठाकुर की ओर से 23 दिसंबर को जिला जज की अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की गई, जिस पर सुनवाई के लिए अदालत ने दो जनवरी की तिथि निर्धारित की थी। हालांकि, बनारस बार एसोसिएशन चुनाव के कारण सुनवाई टल गई और अब यह मामला पांच जनवरी को फिर से सुना जाएगा।
इस मामले में अमिताभ ठाकुर की जमानत अर्जी पर सुनवाई की प्रतीक्षा की जा रही है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि उन्हें जमानत मिलती है या नहीं। इस बीच, उनके समर्थक और विरोधी दोनों ही इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। यह मामला न केवल अमिताभ ठाकुर के लिए बल्कि उनके परिवार और समर्थकों के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा पर प्रभाव पड़ सकता है।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।