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    वाराणसी में सेंटर आफ एक्सीलेंस के लिए साई और खेल विभाग के बीच हुआ एमओयू

    By Abhishek sharmaEdited By: Abhishek sharma
    Updated: Sun, 04 Jan 2026 04:50 PM (IST)

    वाराणसी के सिगरा स्पोर्ट्स स्टेडियम में नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCOE) के संचालन हेतु भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और उत्तर प्रदेश खेल विभाग के बीच एक ...और पढ़ें

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    इसका उद्देश्य ओल‍िंपिक में भारत के पदकों की संख्या को बढ़ाना है।

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं वाले सिगरा स्पोर्ट्स स्टेडियम में नेशनल सेंटर आफ एक्सीलेंस (एनसीओई) का निर्माण किया गया है। इसका प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकार्पण किया था। एक साल बाद उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने तय किया था कि एनसीओई का संचालन भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ही करेगा। इसे लेकर राष्ट्रीय वालीबाल चैंपियनशिप के दौरान आज साई और खेल विभाग उत्तर प्रदेश के बीच सिगरा स्थित स्पोर्ट्स कांप्लेक्स सेंटर आफ एक्ससिलेन्स के बीच एमओयू हो गया।

    ओलिंपिक में पदकों की संख्या बढ़ाने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार हर जरूरी कदम उठा रही है। उसी क्रम में सिगरा स्टेडियम में पुनर्विकास के दूसरे व तीसरे चरण में एनसीओआइ के तौर पर तैयार किया गया था। इसमें खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानक के उपकरण व बेहतर कोच के साथ ही खेल प्रेमियों को प्रतियोगिताएं देखने को मिलेंगी।

    इसमें कांबैट स्पोर्ट्स बाक्सिंग, फेनसिंग (तलवारबाजी), कुश्ती, शूटिंग के प्रशिक्षण का इंतजाम किया गया है। वाराणसी स्मार्ट सिटी द्वारा निर्मित स्टेडियम के पुनर्विकास कार्य के बाद 20 अक्टूबर 2024 को प्रधानमंत्री ने सिगरा स्टेडियम के दूसरे व तीसरे चरण का उद्घाटन किया था। इसके तीन महीने बाद ही शूटिंग समेत तीन खेलों के अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच तैनात किए गए। इनमें कुश्ती के दो कोच (महिला व पुरुष) व अन्य दो खेलों के एक-एक कोच हैं।

    तीन मंजिला मंजिला नेशनल सेंटर आफ एक्सीलेंस में 10 मीटर, 50 मीटर, 25 मीटर का शूटिंग रेंज है। कुश्ती के लिए मैट लगा है। फेनसिंग के प्रशिक्षण के सारे उपकरण हैं। सभी खेलों में 40-40 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाना है। उनके रहने के लिए 180 बेड का चार मंजिला हास्टल बना है। इसके उद्घाटन के बाद से ही इसके संचालन को लेकर ऊहापोह की स्थिति रही। एक कंपनी तय भी हुई लेकिन तकनीकी कारणों से उसके साथ स्मार्ट सिटी का अनुबंध नहीं हो सका। इसके बाद खेल विभाग को संचालन की जिम्मेदारी दी गई। डा. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स कांप्लेक्स एसोसिएशन बनाकर सदस्यता दी गई है। अब सब तैयार हैं।


    यह होता है नेशनल सेंटर आफ एक्सीलेंस :
    एनसीओई में एथलीटों को विश्व स्तरीय कोचिंग, खेल विज्ञान सहायता, उत्कृष्ट प्रशिक्षण बुनियादी ढांचा और व्यक्तिगत आहार और रहने की सुविधा मिलती है। इन केंद्रों का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं की पहचान करना और उन्हें उच्च प्रदर्शन के लिए प्रशिक्षित करना है। इन सेंटर पर योग्य साई प्रशिक्षकों के अलावा अनुभवी कोच नियुक्त किए जाते हैं। युवा एथलीटों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए एक्सपर्ट, खेल मनोविज्ञान के विशेषज्ञ भी होते हैं। विश्व स्तरीय प्रशिक्षण के लिए आधुनिक खेल उपकरणों और बुनियादी ढांचे की सुविधा होती है। खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलता है।