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    'जो लोग सनातन में भेदभाव की बात कहते थे, महाकुंभ ने उनकी आंखें खोल दी', वाराणसी में बोले CM योगी

    Updated: Thu, 03 Apr 2025 07:35 PM (IST)

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 अप्रैल को होने वाले वाराणसी दौरे की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री के लोकार्पण सूची में शामिल होने वाली योजनाओं की दोबारा जांच की जाए और हैंडओवर समेत अन्य काम तत्काल पूरे किए जाएं। कहा कि एजेंसियां समय से गुणवत्तापूर्ण कार्य को कराएं वरना कार्रवाई तय होगी।

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    एजेंसियां समय से गुणवत्तापूर्ण कार्य को कराएं, वरना कार्रवाई तय- सीएम योगी। (तस्वीर जागरण)

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को सर्किट हाउस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित 11 अप्रैल के एक दिनी काशी दौरे की अब तक की तैयारी की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों, कार्यदायी एजेंसियों को निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री के लोकार्पण सूची में शामिल होने वाली योजनाओं की एक बार दोबारा पड़ताल कर ली जाए। हैंडओवर समेत अन्य काम बकाया है तो उसे तत्काल पूरा करा लिया जाए।

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    सीएम ने स्थल का मुआयना किया

    सर्किट हाउस में कमिश्नर कौशल राज शर्मा ने नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित आगमन के दौरान लोकार्पण, शिलान्यास होने वाली 2500 करोड़ से अधिक की तीन दर्जन परियोजनाओं का प्रजेंटेशन दिया। पुलिस आयुक्त ने कानून व्यवस्था को रखा।

    मुख्यमंत्री ने मार्च में घोषित परियोजनाओं को भी शिलान्यास की सूची में शामिल कराने के लिए निर्देशित किया। जल जीवन मिशन के कार्यों की धीमी प्रगति पर एक बार फिर अधिकारियों को आड़े हाथ लिया। कहा, लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। एजेंसियां समय से गुणवत्तापूर्ण कार्य को पूरा कराए।

    सीएम इससे पूर्व प्रधानमंत्री के मेंहदीगंज में निर्धारित जनसभा स्थल को देखा। गर्मी के दृष्टिगत यहां मुकम्मल तैयारी का निर्देश दिया। समीक्षा बैठक के दौरान सभी जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

    योगी ने कहा कि जो लोग सनातन में भेदभाव की बात कहते थे, महाकुंभ ने उनकी आंखें खोल दी। पिछले साल सदियों के इंतजार के बाद अयोध्या में रामलला का दिव्य भव्य मंदिर बना। अब काशी रामानंदाचार्य परंपरा के श्रीरामझदिर के माध्यम से 700 साल पुराने इतिहास से जुडने जा रहा है। यहां शैशवावस्था में तुलसीदास ने पांच वर्षों तक वेद शास्त्र का अध्ययन किया। इस तरह यह स्थली राचरितमानस का बीज बिंदु है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 700 वर्षों की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की एक समृद्ध परंपरा के नवीनीकरण के साथ आज काशी में हम सभी को जुड़ने का सौभाग्य मिला है। हम सभी भारतवासी सौभाग्यशाली है कि हमारी पीढ़ी ने एक समृद्ध विरासत को अपनी आंखों से संवरते देखा है।

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