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    पीएम मोदी ने वॉलीबाल ख‍िलाड़यों को बनारसी मलइयो का भी आनंद उठाने को कहा, जान लीज‍िए आख‍िर कैसे बनती है मलइयो

    By Abhishek sharmaEdited By: Abhishek sharma
    Updated: Sun, 04 Jan 2026 01:18 PM (IST)

    प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी में 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में खिलाड़ियों को वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने खिलाड़ियों को बाबा विश्वनाथ क ...और पढ़ें

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    बनारस में खिलाड़ियों ने पीएम के संदेश को सराहा और मलइयो चखने की उत्सुकता दिखाई।

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सिगरा स्थित नवनिर्मित डा. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबाल चैंपियनशिप में वर्चुअली भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि बनारस में इस समय ठंड का मौसम है, जो विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेने का सही समय है। उन्होंने खिलाड़ियों को बाबा विश्वनाथ के दर्शन और गंगा स्नान का अनुभव लेने की सलाह दी।

    प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों को यह भी बताया कि यदि उन्हें समय मिले तो उन्हें बनारस की प्रसिद्ध मिठाई मलइयो का आनंद अवश्य लेना चाहिए। बनारसी मलइयो का स्वाद अद्वितीय है, जिसे चखने पर यह पता ही नहीं चलता कि यह खाया जा रहा है या पिया जा रहा है। ओस की बूंदों में केसर और दूध के फेनी का मिश्रण कुल्हड़ में घुली मिठास के समान अमृत तुल्य लगता है। मलइयो को बनारस में ठंड का विशेष व्यंजन माना जाता है, और इसे चखने के लिए देश-विदेश से लोग आते हैं।

    मलइयो का निर्माण एक विशेष प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। आधी रात के बाद से ही दूध को मथनी से मथकर इसके झाग को मक्खनी कलेवर के साथ बाल्टा में भरकर तैयार किया जाता है। इस प्रक्रिया में कारीगर रतजगा तक काम करते हैं, तब जाकर मेवा और मीठे स्वाद के साथ यह अद्भुत व्यंजन तैयार होता है।

    बनारस की ठंड में मलइयो का आनंद लेना एक अनूठा अनुभव है। इसकी पीली रंग की झाग नुमा विशेषता इसे एक अनोखा लुक प्रदान करती है। दूध के फायदों के साथ-साथ इसका स्वाद भी इसे खास बनाता है। बनारस में मलइयो का रसास्वादन करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं, और यह ठंड के मौसम में एक विशेष आकर्षण का केंद्र बन जाता है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों को यह भी बताया कि बनारस की संस्कृति और परंपरा का अनुभव करना उनके लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि खेल के साथ-साथ स्थानीय व्यंजनों का आनंद लेना भी जरूरी है, जिससे वे बनारस की संस्कृति को और करीब से समझ सकें।

    इस चैंपियनशिप में भाग लेने वाले खिलाड़ियों ने प्रधानमंत्री के संदेश को सराहा और उन्होंने कहा कि वे मलइयो का स्वाद लेने के लिए उत्सुक हैं। खिलाड़ियों ने यह भी कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से उन्हें न केवल खेल में बल्कि स्थानीय संस्कृति और परंपराओं के बारे में भी जानकारी मिलती है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों से कहा कि वे अपने खेल के साथ-साथ स्थानीय व्यंजनों का भी आनंद लें, जिससे वे बनारस की संस्कृति को और गहराई से समझ सकें। उन्होंने कहा कि यह अनुभव उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण स्थान रखेगा।

    इस प्रकार, बनारस की वॉलीबाल चैंपियनशिप ने न केवल खेल के प्रति लोगों की रुचि को बढ़ाया है, बल्कि यह स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को भी उजागर करने का कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है और उन्हें अपने खेल के साथ-साथ स्थानीय व्यंजनों का आनंद लेने के लिए प्रेरित करता है।