वाराणसी, जागरण संवाददाता। ज्ञानवापी मस्जिद मामले में एडवोकेट कमिश्‍नर की कार्यवाही का आज अंतिम दिन है। मंगलवार को पूरे प्रकरण की जांच रिपोर्ट एडवोकेट कमिश्‍नर अदालत को सौंपेंगे। सोमवार की सुबह आठ बजे के पूर्व ही 52 सदस्‍यीय दल सर्वे के लिए पहुंच गया था। पुलिस सुरक्षा और बैरिकेडिंग के बीच लोगों का हुजूम भी सर्वे को लेकर खूब नजर आया। वहीं सोमवार का दिन होने की वजह से बाबा दरबार में भी लोगों का खूब जमावड़ा हुआ तो सुरक्षा भी चाक चौबंद नजर आई। सर्वे पूरा होने के बाद बाहर निकले वादी पक्ष ने साक्ष्‍य के अपने पक्ष में मिलने की जहां जानकारी दी है वहीं दूसरी ओर प्रतिवादी मुस्लिम पक्ष ने इससे इन्‍कार किया है। मगर थोड़ी देर के बाद वादी पक्ष के शिवलिंग मिलने की जानकारी के बाद कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर इसे सुरक्षित करने की मांग की गई तो अदालत ने भी तुरंत फैसला देकर संबंधित क्षेत्र को सील कर दिया।

वहीं दोपहर में वादी पक्ष ने अदालत ने ज्ञानवापी में सर्वे के दौरान तालाब से मिले शिवलिंग को सुरक्षित करने के साथ ही संबंधित परिक्षेत्र को सील करने की मांग की। इस पर अदालत ने भी आदेश जारी कर दिए। अदालत ने कहा है कि - 'जिला मजिस्ट्रेट वाराणसी को आदेशित किया जाता है कि जिस स्थान पर शिवलिंग प्राप्त हुआ है उस स्थान को तत्काल प्रभाव से सील कर दें। सील किए गए स्थान पर किसी भी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित किया जाता है। जिला मजिस्ट्रेट वाराणसी पुलिस कमिश्नर पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी तथा सीआरपीएफ कमांडेंट वाराणसी को आदेशित किया जाता है कि इस स्थान को सील किया जाए। उस स्थान को संरक्षित व सुरक्षित रखने की पूर्णता व्यक्तिगत जिम्मेदारी उपरोक्त समस्त अधिकारियों की व्यक्तिगत रूप से मानी जाएगी। उपरोक्त आदेश को सील करने के बाबत निरीक्षण प्रशासन द्वारा क्या-क्या किया गया है इस के सुपर विजन की जिम्मेदारी पुलिस महानिदेशक पुलिस मुख्यालय उत्तर प्रदेश लखनऊ तथा मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ की होगी। वाद लिपिक को आदेशित किया जाता है कि अविलंब इसकी आदेश की प्रति संबंधित अधिकारीगण को नियमानुसार प्रेषित कर सुनिश्चित करें।'

वहीं सुबह दो घंटे में ही सर्वे का काम समाप्त हो गया। अधिवक्ताओं के निकलने का सिलसिला सवा दस बजे शुरू हो गया। सर्वे में शामिल टीम के अनुसर जांच पड़ताल के बाद एडवोकेट कमिश्‍नर की कार्यवाही पूरी होने के बाद पूरी टीम लौट आई। इस लिहाज से अंतिम दिन मात्र दो घंटे ही जांच पड़ताल की गई है। इसके बाद सुबह सवा दस बजे पूरी कार्यवाही होने के बाद लौट गए। बाहर निकले सोहनलाल आर्य ने कहा कि 'नंदी जिसका इंतजार कर रहे थे वह बाबा मिल गए।' इस दौरान दोहे से उन्‍होंने तालाब की ओर इशारा किया। वहीं अन्‍य वादी पक्षों की ओर से मामला अदालत में होने की वजह से साक्ष्‍य को साझा करने से मना कर दिया गया। वहीं एडवोकेट कमिश्‍नर ने कार्यवाही पूरी होने की जानकारी देते हुए जल्‍द ही कोर्ट में रिपोर्ट स‍बमिट करने की जानकारी साझा की है।

सोमवार को तहखाने का अंतिम हिस्‍सा भी तलाशने की कार्यवाही पहले शुरू हुई जहां पर तहखाने के भीतर एक दिन पूर्व नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने मिलकर मलबे को भी साफ किया है। अब साफ सफाई और पटी हुई मिट्टी को हटाने के बाद मौजूद सुबूतों को भी कैमरे में कैद किया जाएगा। रविवार को लगभग 80 फीसद सर्वे का कार्य पूरा किया जा चुका है। ऐसे में माना जा रहा है कि सोमवार को ही सर्वे का काम पूरा कर लिया जाएगा ताकि ससमय 17 मई को अदालत को सर्वे की रिपोर्ट सौंपी जा सके।  

कार्यवाही लीक करने का आरोप : वादी-प्रतिवादी पक्ष के लोग सर्वे से संतुष्ट हैं। तीन लोगों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा है। जो कमीशन की टीम के सदस्य नहीं थे। रविवार को दो लोगों को बाहर रखा गया। वहीं सोमवार को एक सदस्य को बाहर कर दिया गया। हालांकि, आरोप को लेकर उन्होंने कुछ कहने से मना कर दिया। जानकारी के मुताबिक यह तीनों सर्वे की कार्यवाही को लीक कर रहे थे।

वीडियोग्राफी टीम जुटा रही साक्ष्य : वहीं वीडियोग्राफी कर रही टीम ने बताया कि आज महज एक से डेढ़ घंटे का ही सर्वे होगा। इसके बाद वीडियो और स्टील कैमरे से ली फोटो और फुटेज जमा कर दिया जाएगा। इसे दोबारा देखने की हम लोगों को भी अनुमति नहीं है। सारी चीजें गोपनीय हो रही हैं। वहीं टीम ने ड्रोन कैमरे से सर्वे की बात से इनकार किया है। वीडियोग्राफी टीम ने कहा कि अंदर बहुत अंधेरा है। इस कारण लाइट की सोमवार को पर्याप्त व्यवस्था के साथ हम लोग जा रहे हैं। अदालत के आदेश पर वीडियोग्राफी के लिए गणेश शर्मा और विभाष दुबे को चयनित किया गया है। यह सभी वीडियो और स्टिल फोटोग्राफी करने के बाद उसकी चिप एडवोकेट कमिश्‍नर के हवाले कर देते हैं। 

तहखाना ही नहीं तालाब की भी हो सकती है जांच : सर्वे के लिए जाते अधिवक्ताओं ने कहा कि आज तहखाने के अंदर एक कमरा है उसे भी खोला जाएगा। जिसमें लगभग तीन घंटे का वक्त लग सकता है। आज उस तालाब के पानी को भी निकालने की कवायद हो सकती है जिसके पानी से मुस्लिम नमाजी वजू करने की बात कह रहे थे। इसके लिए 10 हजार लीटर क्षमता की दो टंकी सफेद रंग की गाड़ी पर लाद कर ले जाया गया है। हालांकि, इस कवायद को लेकर संशय बरकार है। वहीं सूत्रों के अनुसार तालाब से पानी और मछली को निकाल कर वहां सर्वे किया गया तो वहीं दूसरी ओर उसके बगल से नीचे की ओर कमीशन की टीम उतरी और जांच पड़ताल की।

सर्वे का आज अंतिम दिन : श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के बगल मौजूद ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे तथा वीडियोग्राफी की कार्यवाही लगातार तीसरे दिन प्रारंभ हो गई। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर और मस्जिद दोनों पक्ष के वकीलों का कहना है कि आज यहां पर एडवोकेट कमिश्नर की कार्यवाही पूरी कर ली जाएगी। सोमवार को ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे तथा वीडियोग्राफी के लिए पहुंचे वकीलों ने कहा कि आज तहखाने के अंदर के एक कमरे को भी खोला जाएगा। माना जा रहा है कि कमरा खोलने में थोड़ा समय लगे। आज सर्वे तथा वडियोग्राफी की कार्यवाही समाप्त होने की संभावना है। इससे पहले रविवार को ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के भीतर और बाहर सर्वे के लिए एडवोकेट कमिश्नर की कार्यवाही की गई। इस दौरान दोनों पक्ष के अधिवक्ता भी मौजूद रहे। सर्वे के लिए जाते प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता अखलाक अहमद ने सर्वे को बेहतर तरीके से पूरा करने की जानकारी दी है। वहीं सर्वे के लिए अभयनाथ दुबे और वादी पक्ष के अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी भी सुबह समय से पूर्व पहुंच गए थे।

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Edited By: Abhishek Sharma