वाराणसी, जेएनएन। ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे के तीसरे दिन की कार्यवाही के दौरान बड़ा प्रशासनिक एक्शन भी लिया गया है। ज्ञानवापी मस्जिद की सर्वे टीम के सदस्य डा रामप्रसाद सिंह को हटा दिया गया है। आरपी सिंह पर सर्वे की सूचनाएं लीक करने का गंभीर आरोप लगा है।

डीएम कौशलराज शर्मा और पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने प्रशासनिक गतिविधियों की जानकारी दी। कोर्ट के आदेश का पालन किया गया है। कल एक सदस्य को सूचना लीक करने के मामले में टीम ने 15 मिनट के लिए बाहर किया था। बाद में उनको वापस बुला लिया गया। इससे पहले कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे के लिए नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा के खिलाफ आपत्ति दर्ज होने के बाद भी उनको हटाने से इनकार कर दिया था। उनके साथ विशाल कुमार सिंह को भी कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया था, जबकि अजय सिंह को असिस्टेंट कमिश्नर बनाया गया था। कोर्ट ने 17 मई तक सर्वे की कार्रवाई पूरी करके रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा था।

सर्वे की टीम आज जब ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर जा रही थी तब सर्वे टीम के सदस्य आर पी सिंह को रोक लिया गया। उनको तीसरे दिन के सर्वे में शामिल नहीं होने दिया गया। आर पी सिंह पर सूचनाएं लीक करने का आरोप लगा है। उनके ऊपर सर्वे की बातों को बाहर बताने के आरोप लगे हैं। ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे को लेकर कोर्ट की ओर से गोपनीयता को लेकर बेहद सख्त हिदायत दी गई थी, आरपी सिंह पर इसका पालन नहीं करने के आरोप लगे हैं। कोर्ट कमिश्नर और उनकी टीम में डा रामप्रसाद सिंह भी थे। जिन्होंने इस पूरे ज्ञानवापी परिसर की 30 वर्ष पहले फोटोग्राफी की थी और वो सर्वे टीम का हिस्सा थे। उन्होंने साफ - साफ बताया की सब कुछ बिल्कुल उसी तरह से है, जिस तरह से 30 वर्ष पहले था। वहां पर बहुत कुछ और भी मिला है, जो मंदिर होने का सच बताता है। उन्होंने बताया की इन चार तहखाने में मंदिरों के अवशेष, कलश सब कुछ दिखा और जब कोर्ट कमीशन की कार्यवाही पूरी होगी तो दुनिया के सामने ज्ञानवापी का असली सच सामने आ जायेगा।

क्या है आरपी सिंह का मामला : ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे में गई टीम के सदस्य आरपी सिंह ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने यहां तक कह दिया है कि तहखाने में सबूत भरे पड़े हैं। एक टीवी चैनल से बातचीत में आरपी सिंह ने कहा कि जहां नमाज पढ़ी जाती है वहां श्री तथा ऊँ लिखा है। इसके साथ ही तहखाने में सबूत भरे बड़े हैं। उन्होंने कहा कि हिन्दुओं के सारे प्रतीक और सबसे अधिक सबूत तो तहखाने में मिले हैं, जो पूर्णत: सुरक्षित हैं। तहखाने में जो मलबे हैं, अगर उनकी अच्छे से जांच हो जाए तो बहुत सारे सबूत मिलने की उम्मीद है। वहां तहखाने में जो खम्भे बने हैं, उनमें बहुत सारी मूर्तियां बनीं हुईं हैं और आज जो कमीशन हुआ है उसमे भी बहुत सारे सबूत मिले हैं। आरपी सिंह ने दावा करते हुए कहा कि ज्ञानवापी में जहां नमाज पढ़ी जाती है, वहां पर जगह-जगह श्री लिखा हुआ है। ओम का, त्रिशूल का प्रतीक भी बना हुआ है जो शुभ माना जाता है। हिन्दू धर्म से जुड़े हुए बहुत सारे चित्र पत्थरों पर हैं, वो पेंटेड नहीं हैं, बल्कि पत्थरों पर बने हुए हैं। इसके साथ कई जगहों पर संस्कृत के श्लोक भी मिले हैं। मलबे के सामान का ही उपयोग करके गुम्बद बनाया गया है। बस थोड़ी बहुत ईंट से जुड़ाई हुई है, लेकिन ज्यादातर मलबे का ही उपयोग हुआ है।

Edited By: Dharmendra Pandey