खेलों में आगे बढ़ रहीं लद्दाख की बेटियां, हिजाब नहीं कोई बाधा, पहले दिन महिला टीम की कई खिलाड़ी हिजाब पहनकर कोर्ट पर उतरीं
लद्दाख की महिला वॉलीबॉल टीम 72वीं सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में हिस्सा ले रही है। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद लद्दाख में खेलों का माहौल बना है। टीम ...और पढ़ें
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जागरण संवाददाता, वाराणसी। वर्ष 2019 में केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद लद्दाख में विकास के साथ-साथ खेलों के लिए सकारात्मक माहौल बन रहा है। यहां की युवा पीढ़ी खेल को करियर के रूप में स्वीकार करने लगी है। इसका प्रमाण यह है कि लद्दाख की महिला और पुरुष टीमें 72वीं सीनियर नेशनल वालीबाल चैंपियनशिप में हिस्सा ले रही हैं।पहले दिन रविवार को लद्दाख की महिला वालीबाल टीम में कुछ खिलाड़ी हिजाब पहनकर कोर्ट में उतरीं।
खास बात यह है कि उनकी धार्मिक आस्था खेल के रास्ते में बाधा नहीं बन रही। टीम के कोच अब्दुल सादिक बताते हैं कि लद्दाख में पारंपरिक रूप से आइस गेम्स का ज्यादा चलन रहा है। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद देश के अन्य हिस्सों से बेहतर संपर्क स्थापित हुआ है। इसका परिणाम है कि युवाओं का रुझान अब मैदानी खेलों की ओर भी बढ़ा है, जिसमें वालीबाल खासा लोकप्रिय हो रहा है।
पांच वर्षों से टीम राष्ट्रीय वालीबॉल प्रतियोगिताओं में ले रहीं भाग
पिछले पांच वर्षों से टीम राष्ट्रीय वालीबाल प्रतियोगिताओं में भाग ले रही है। हालांकि, लद्दाख में खेल सुविधाओं की स्थिति अब भी चुनौतीपूर्ण है। इंडोर स्टेडियम तो दूर, आउटडोर खेल मैदानों की भी भारी कमी है। इसके बावजूद धीरे-धीरे खेलों का विकास हो रहा है और संसाधनों के अभाव के बीच भी खिलाड़ी आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं।उन्होंने बताया कि घरों तक सीमित रहने वाली लड़कियां भी खेल मैदानों तक पहुंच रही हैं।
कई खिलाड़ी अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हिजाब पहनती हैं, लेकिन इससे उनके प्रदर्शन पर असर नहीं पड़ता। उनका कहना है कि खेल ने लड़कियों को आत्मविश्वास दिया है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाया है। लद्दाख के लोगों में वाराणसी को लेकर विशेष आकर्षण है। कोच के अनुसार, टीम ने यहां आने से पहले काशी के बारे में पढ़ा और खिलाड़ियों में इस ऐतिहासिक व सांस्कृतिक नगरी को देखने की बहुत उत्सुकता है।

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