Independence Day 2021 : काशी विश्वनाथ दरबार भी देशभक्ति में डूबा, तिरंगे कलेवर में नजर आए बाबा
पूरा देश स्वतंत्रता दिवस के रंग में रंगा हुआ नजर आ रहा है तो काशी में भगवान भोलेनाथ आजादी के 75 वें वर्ष के रंग में रंगे नजर आए। दरअसल बाबा दरबार में ...और पढ़ें

वाराणसी, जेएनएन। पूरा देश स्वतंत्रता दिवस के रंग में रंगा हुआ नजर आ रहा है तो दूसरी ओर काशी में भगवान भोलेनाथ भी आजादी के 75 वें वर्ष के रंग में रंगे नजर आए। दरअसल बाबा दरबार में सावन माह भर अलग अलग प्रकार की झांकी में काशी विश्वनाथ दरबार को सजाया जाता रहा है। 15 अगस्त के दिन इस बार स्वतंत्रता दिवस के 75 वें वर्ष का उल्लास बाबा दरबार के आंगन में भी उतर आया और बाबा विश्वनाथ की झांकी को अनूठे तिरंगे में फूल पत्तियों से सजाया गया तो बाबा दरबार भी हर हर महादेव के उद्घोष के साथ भारत माता की जय के नारों संग गूंज उठा।
शनिवार की देर रात शयन आरती के बाद बाबा शयन के लिए चले गए और इसके बाद बाबा दरबार में सुबह मंगला आरती की तैयारी शुरू की गई तो बाबा का श्रृंगार तिरंगे में करने की तैयारी शुरू की गई। सुबह मंगला आरती के लिए बाबा दरबार खुला तो पूजा के दौरान झांकी सजी और हर हर महादेव के साथ बाबा दरबार का कोना कोना गूंज उठा। फूल और पत्तों से बाबा दरबार की अनोखी सजावट की गई। वहीं बाबा को तिरंगे रंग में रंगने के लिए सफेद नारंगी फूलों का प्रयोग किया गया जबकि हरे रंग के लिए पत्तियों का प्रयोग कर बाबा को भी स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए विशेष श्रृंगार किया गया।
सुबह मंगला आरती के लिए पहुंचे भक्त बाबा को तिरंगे रंग में रंगा देखकर आह्लादित नजर आए। बाबा दरबार में हर-हर महादेव के साथ ही भारत माता की जय के नारे भी गूंजे। सुबह बाबा का तिरंगा श्रृंगार देखकर भक्त मुदित नजर आए। बाबा का यह स्वरुप देखकर इंटरनेट मीडिया में भी बाबा का यह स्वरुप छाया रहा। बाबा दरबार के मुख्य अर्चक आचार्य श्रीकांत मिश्र ने बताया कि आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश के मौके पर बाबा का तिरंगे फूल और पत्तियों से श्रृ्ंंगार का निर्णय लिया गया था। उसी क्रम में बाबा का सुबह तिरंगा श्रृंगार किया गया है।
बाबा दरबार में सजाई गई तिरंगा झांकी : भोर में बाबा को पंचामृत स्नान कराकर विशेष अभिषेक कराया गया। उसके बाद बाबा की तिरंगा झांकी सजाई गई। मंगलाआरती के बाद बाबा के इस विशेष श्रृंगार झांकी के दर्शन के लिए बाबा का झांकी दर्शन द्वार आम भक्तों के लिए खोल दिया गया। रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण बाबा दरबार में सुबह से ही आस्थावानों की भीड़ भी उमड़ी। भक्त परिवार के साथ बाबा का दर्शन-पूजन करने पहुंचे तो भोर से दोपहर तक बाबा दरबार में भक्तों की कतार उमड़ी रही। दर्शन के दौरान कोविड-19 के गाइड लाइन का अनुपालन किया गया। बिना मास्क के किसी को भी मंदिर में प्रवेश नहीं दिया गया।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।