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श्रीकाशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा में बुलेटप्रूफ गाड़ी, CRPF संभाल रही मोर्चा

Published: Sun, 04 Oct 2026 07:58 AM (IST)

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा अब बुलेटप्रूफ गाड़ी से और मजबूत होगी, जिसे सीआरपीएफ की 95 बटालियन को सौंपा गया ...और पढ़ें

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम। जागरण

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम। जागरण

HighLights

  1. श्रीकाशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा में बुलेटप्रूफ गाड़ी शामिल।

  2. सीआरपीएफ की 95 बटालियन को मिली महिंद्रा मार्क्समैन गाड़ी।

  3. वाहन छोटे हथियारों, ग्रेनेड हमलों से सुरक्षा प्रदान करेगा।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा में अब बुलेटप्रूफ गाड़ी भी लगेगी। यह गाड़ी सीआरपीएफ की 95 बटालियन को मिली है। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा में पहले से सीआरपीएफ मोर्चे पर रहती है, लिहाजा बुलेटप्रुफ वाहन भी सुरक्षा मोर्चे पर तैनात रहेगा।

वाराणसी में माक ड्रिल कर चुकी हैं सुरक्षा एजेंसियां तीर्थ के ट्रैंगल वाराणसी, प्रयागराज व अयोध्या में एटीएस, एनआइए के अलावा सेना के अधिकारी रेलवे स्टेशन, रोडवेज, श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में सुरक्षा माक ड्रिल किया जा चुका है। गंगा में आतंकियों से लड़ने तक का माक ड्रिल किया जा चुका है। ऐसे में सीआरपीएफ को बुलेटप्रूफ गाड़ी दिए जाने को भी सुरक्षा तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है।

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सीआरपीएफ मोर्चेबंदी को कहीं भी घुस सकेगी
आगामी समय में पर्वों का सिलसिला शुरू होगा। विधानसभा चुनाव होंगे, जिसमें आपात स्थिति बनी तो सीआरपीएफ के जवान बुलेटप्रूफ गाड़ी से एंट्री कर सकेंगे। बनारस में पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं, ऐसे में सीआरपीएफ की तैयारी भविष्य में काम आ सकेगी।

नंबर गेम

  • 08 जवान असलहे से लैस होकर सवार हो सकेंगे।
  • 08 स्थानों से जवान असलहे से मोर्चा ले सकेंगे।
  • 01 जैमर लगाया जा सकेगा, जिससे मोबाइल तरंगे सुस्त पड़ जाएंगी।

बुलेटप्रूफ गाड़ी की खासियत
महिंद्रा मार्क्समैन छह सीटों वाला बुलेटप्रूफ वाहन है। यह छोटे-छोटे हथियारों और गोलीबारी के साथ-साथ ग्रेनेड हमलों से भी सुरक्षा प्रदान करता है। यह गाड़ी से क्विक रिएक्शन टीम और गश्ती दल की सुरक्षा व गतिशीलता में सुधार होगा। इसे आधुनिक सुरक्षा उपकरणों, मजबूत जीपीएस ट्रैकिंग और दुर्गम रास्तों पर आसानी से चलने वाली तकनीक से लैस है।

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बुलेटप्रूफ गाड़ी हमें सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग के लिए मिली है। जहां जरूरत होगी, वहां हमारे जवान जाएंगे। भविष्य में चुनौतियां बढ़ रही, इससे भी इन्कार नहीं किया जा सकता है। संसाधन रहेगा तो कभी भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।

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- आरएस बालापुरकर, कमांडेंट सीआरपीएफ 95 बटालियन