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काशी विश्‍वनाथ कारिडोर : अब चिठ्ठी पर लगेगी श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के शिखर वाली मुहर

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के नव्य भव्‍य व दिव्य स्वरूप के लोकार्पण पर सोमवार को डाक विभाग ने काशी की प्राचीनता ऐतिहासिकता आध्यामिकता और सांस्कृतिक गौरव को सहेजते हुए बाबा के स्वर्ण शिखर पर आधारित एक विशेष मुहर जारी किया है ।

By Milan KumarEdited By: Published: Mon, 13 Dec 2021 08:22 PM (IST)Updated: Mon, 13 Dec 2021 08:22 PM (IST)
काशी विश्‍वनाथ कारिडोर : अब चिठ्ठी पर लगेगी श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के शिखर वाली मुहर
विशेष मुहर पर श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के मध्य मंदिर के शिखर, उस पर अंकित धर्म ध्वजा को उकेरा गया है।

वाराणसी, जागरण टीम। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के नव्य-दिव्य स्वरूप के लोकार्पण पर सोमवार को डाक विभाग ने काशी की प्राचीनता, ऐतिहासिकता, आध्यामिकता और सांस्कृतिक गौरव को सहेजते हुए बाबा के स्वर्ण शिखर पर आधारित एक विशेष मुहर जारी किया है। अब काशी के विश्वेश्वगंज स्थित प्रधान डाकघर से हर सामान्य और पंजीकृत डाक पर यही मुहर लगाई जाएगी।

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वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इस विशेष मुहर पर श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के मध्य मंदिर के शिखर, उस पर अंकित धर्म ध्वजा को उकेरा गया है। साथ ही किनारे गोलाकार में हिंदी और अंग्रेजी भाषा में श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी अंकित किया गया है। मुहर के निचले भाग में दिनांक के साथ ही वाराणसी प्रधान डाकघर व इसका पिनकोड 221001 लिखा गया है। उन्होंने कहा कि एक अद्भुत संयोग है कि उधर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के नव्य-दिव्य स्वरूप को देश को समर्पित कर रहे हैं, इधर डाक विभाग उस पर विशेष मुहर जारी कर रहा है। हमें विश्वास है कि यह मुहर काशी की सांस्कृतिक राजदूत की भूमिका निभाएगा।

मुहर पर श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के शिखर का चित्र होने से लोगों में आस्था का विस्तार होगा। वहीं युवा पीढ़ी में उत्सुकता बढ़ेगी। इस विशेष मुहर से पूरे विश्व में वाराणसी और भगवान शिव से जुड़े सांस्कृतिक संबंधों का प्रसार होगा। विश्व के शिवभक्तों के लिए यह एक अमूल्य निधि होगी। इसका उद्देश्य श्रीकाशी विश्वनाथ धाम की महिमा, संस्कृति, पवित्रता, काशी के इतिहास को विश्व तक पहुंचाना है। दिव्य-काशी, भव्य-काशी के साथ यह काशी के सांस्कृतिक गौरव और अस्मिता को नई पहचान देगा। इस दौरान संजय कुमार वर्मा, राम मिलन, एमपी वर्मा, अजय कुमार, संतोषी राय, श्रीकांत पाल, वीएन द्विवेदी, रामचंद्र यादव, श्रीप्रकाश गुप्ता, राजेंद्र यादव, राहुल कुमार थे।


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