VIDEO : काशी विश्वनाथ धाम में रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालु, 2025 में 7.26 करोड़ से अधिक ने किए दर्शन, गोवा और शिमला का रिकार्ड पीछे छूटा
काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। वर्ष 2025 में 7.26 करोड़ से अधिक पर्यटकों ने दर्शन किए, जिनमें 80% युवा थे। नए साल ...और पढ़ें
जागरण संवाददाता, वाराणसी। नव्य भव्य श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में मत्था टेकने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। बनारस का पर्यटन उद्योग वर्ष 2025 में अपने चरम पर रहा। इस वर्ष, रिकॉर्ड सात करोड़ 26 लाख से अधिक पर्यटकों ने काशी विश्वनाथ के दर्शन किए। इसमें महाकुंभ के पलट प्रवाह और महाशिवरात्रि के अवसर पर आने वाले भक्तों की संख्या भी शामिल है।
विशेष रूप से, इस संख्या में अस्सी प्रतिशत युवा श्रद्धालु रहे। नए साल की शुरुआत भी युवाओं ने बाबा दरबार में मत्था टेककर की, जिसमें उनकी संख्या तीस लाख से अधिक रही। पहले गोवा और शिमला पर्यटकों का रिकार्ड बनाते थे, अब काशी में आस्थावानों की भीड़ ने साल दर साल नया रिकार्ड बनाना शुरू किया है।
पर्यटन विभाग के अनुसार, पिछले वर्ष 2025 में काशी में कुल 7,26,76,780 पर्यटक आए। सांस्कृतिक पुनर्जागरण की लहर ने विशेष रूप से युवा पीढ़ी में धार्मिक स्थलों और तीर्थों के प्रति श्रद्धा में वृद्धि की है। 24 दिसंबर से एक जनवरी 2026 के बीच, 30,75,769 श्रद्धालुओं ने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन किए। यह संख्या दर्शाती है कि काशी का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व आज भी जीवित है और श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।
काशी विश्वनाथ धाम, जो कि हिन्दू धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है, ने न केवल आस्था का केंद्र बना है, बल्कि यह पर्यटन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। होटल, रेस्टोरेंट, और अन्य व्यवसायों में भी इस वृद्धि का सकारात्मक प्रभाव देखा जा रहा है।
युवाओं की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि नई पीढ़ी भी अपने धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को समझने और अपनाने में रुचि रखती है। यह एक सकारात्मक संकेत है, जो दर्शाता है कि धार्मिक स्थलों की महत्ता को युवा पीढ़ी भी समझ रही है। काशी में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में यह वृद्धि न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति भी एक नई जागरूकता को दर्शाती है।
इस प्रकार, काशी का पर्यटन उद्योग न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि यह सांस्कृतिक पुनर्जागरण का भी प्रतीक बनता जा रहा है। आने वाले वर्षों में, यह उम्मीद की जा रही है कि काशी का पर्यटन उद्योग और भी विकसित होगा और अधिक श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा। काशी विश्वनाथ धाम की महिमा और इसकी धार्मिकता को देखते हुए, यह कहना गलत नहीं होगा कि काशी का पर्यटन उद्योग भविष्य में और भी ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है।
जिले में विगत वर्षों में आए इतने पर्यटक
वर्ष-देसी पर्यटक-विदेशी पर्यटक-कुल पर्यटक
2023- 89,271,729- 201,897- 89,473,626
2024- 109,787,811- 309,932- 110,097,743


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