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    Jagran Vimarsh In Ballia: विमर्श ने खींचा बलिया के विकास का खाका, जनप्रतिनिधियों और अफसरों ने दिया समाधान

    By Saurabh ChakravartyEdited By:
    Updated: Wed, 29 Sep 2021 10:50 PM (IST)

    पांच सत्रों में शिक्षाविदों कृषि विशेषज्ञों समेत विविध विधा के विद्वानों ने रास्ता सुझाया और सूबे के एक छोर पर स्थित बलिया को प्रगति पथ पर दौड़ाने का ...और पढ़ें

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    विमर्श कार्यक्रम का दीप जलाकर उद्घाटन करते कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, मंत्री आनंद स्वरूप शुक्लव विधायक धनंजय कनौजिया ।

    जागरण संवाददाता, बलिया। Jagran Vimarsh in Ballia: उर्वर भूमि, हुनर, अथाह श्रम शक्ति और गौरवशाली इतिहास। इसका अहसास यहां के रहनवारों के साथ ही शासन-सत्ता तक को है, लेकिन बाढ़ का पानी कहानी बदल देता है। एक सक्षम जिले को स्वास्थ्य सेवाओं तक के लिए दूसरों पर निर्भर कर देता है। मगर अब क्रांतिवीरों की भूमि बलिया का अपना मेडिकल कालेज होगा और बाढ़-जलजमाव दर्द भी नहीं देगा। क्रांतिवीरों की धरा की गौरवगाथा से हर किसी को परिचित कराने के लिए सिटी म्यूजियम खुलेगा। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय में भी डिस्ट्रिक्ट गैलरी भी इसकी अनुभूति कराएगी।

    दैनिक जागरण की ओर से बुधवार को फेफना में आयोजित विमर्श बलिया: रास्ते विकास के में प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने यह भरोसा दिया। सुबह से लेकर शाम तक चले पांच सत्रों में शिक्षाविदों, कृषि विशेषज्ञों समेत विविध विधा के विद्वानों ने रास्ता सुझाया और सूबे के एक छोर पर स्थित जिले को प्रगति पथ पर दौड़ाने का ब्लू प्रिंट भी तैयार कर सामने रखा इस दौरान लोगों ने अब तक के विकास कार्यों पर संतोष जताया तो मांगें भी रखीं।

    संसदीय कार्य एवं ग्राम्य विकास मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला ने बलिया विकास का सफर सत्र में स्वास्थ्य समस्याओं पर चर्चा के दौरान स्पष्ट किया कि जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बलिया में मेडिकल कालेज का शिलान्यास करेंगे। इसके लिए दो स्थान देखे जा चुके हैं। प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। सरकार लंबे समय से इसके लिए प्रयासरत है। युवा कल्याण, खेलकूद एवं पंचायती राज राज्य मंत्री उपेंद्र तिवारी ने कहा कि एनसीसी तिराहे से एसपी आवास तक 1.27 करोड़ की लागत से नाले का निर्माण किया जा रहा है जो जल्द पूरा हो जाएगा। इससे शहर के एक बड़े हिस्से को जल-जमाव से मुक्ति मिल जाएगी।

    इससे पहले विमर्श का उद्घाटन करते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने खेती-किसानी के जरिए बलिया के विकास का खाका खींचा। कहा कि केंद्र और प्रदेश दोनों सरकारों की प्राथमिकता में कृषि और किसान हैं। पीएम व सीएम के निर्देशन में चलाई जा रही योजनाओं के क्रियान्वयन और समय से किसानों को इनपुट उपलब्ध कराने का नतीजा रहा है कि प्रदेश ने अन्न उत्पादन में रिकार्ड बनाया है। साढ़े चार वर्ष पूर्व होने वाली किसानों की आत्महत्या की घटनाएं रुक गई हैं। आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश पूरी तरह से कृषि क्षेत्र में नंबर एक बनेगा। इसमें बलिया भी आगे दिखेगा। बीज प्रसंस्करण इकाई लगाई जाएगी। किसान व बाजार के बीच बिचौलिए खत्म होंगे। किसानी में नवोन्मेष विषयक प्रथम सत्र में कृषि विशेषज्ञों ने इसके लिए मार्केट इंटेलिजेंस विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया। कहा. कृषि विविधिकरण से किसानों की आय दोगुनी होगी।

    वहीं समापन सत्र में मुख्य अतिथि धर्मार्थ, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री डा. नीलकंठ तिवारी ने जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कल्पलता पांडेय के सुझाव पर कहा कि, विश्वविद्यालय परिसर में डिस्ट्रिक्ट गैलरी बनाएं। इसके लिए संस्कृति मंत्रालय धन उपलब्ध कराएगा। उन्होंने बलिया में सिटी गैलरी स्थापित करने की घोषणा की। कहा, यह सांस्कृतिक-पौराणिक व ऐतिहासिक धरोहरों से परिचित कराएगी। याद दिलाया कि पीएम मोदी ने बलिया से ही उज्जवला योजना की शुरुआत की थी, जिसने माताओं-बहनों की जिंदगी बदल दी।

    विमर्श ने हस्तशिल्पियों के लिए भी आॢथक समृद्धि का मार्ग भी प्रशस्त किया। स्वरोजगार और बलिया के विकास में ओडीओपी की भूमिका विषयक सत्र में अफसरों ने ओडीओपी में चयनित हस्तशिल्प बिंदी को ऊंचाई देने के लिए क्लस्टर का रास्ता सुझाया। कहा, इसके लिए औद्योगिक क्षेत्र में जमीन चिह्नित है। शासन से मंजूरी लेकर जल्द ही इस दिशा में कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इससे बलिया की बिंदी देश के माथे पर चमकेगी। इसके लिए लीड बैंक मैनेजर ने 200 करोड़ रुपये तक का अलग-अलग ऋण देने का भरोसा दिया।

    बार-बार बाढ़, निदान क्या विषयक सत्र में सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि बाढ़ तटबंधों से नहीं खत्म होगी। नदियों को जोडऩा होगा, ताकि डायवर्जन हो सके। बाढ़ नुकसान करती है तो नई मिट्टी लाती है जिससे फसलें लहलहाती हैं।

     

    वहीं, शिक्षा का मौजूदा ढांचा और नई संभावनाएं विषयक सत्र में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कल्पलता पांडेय ने नई शिक्षा नीति से जोड़ते हुए बलिया में शैक्षिक विकास की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। बलिया संवाद में आजमगढ़ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, बलिया की डीएम अदिति सिंह व एसएसपी राजकरन नैय्यर ने जनता की बातों को सुना और मिल-जुल कर विकास की गंगा बहाने का भरोसा दिया।

    अलग-अलग सत्रों में रसड़ा के बसपा विधायक उमाशंकर सिंह, बेल्थरा रोड से भाजपा विधायक धनंजय कनौजिया, एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट पीएल शर्मा, आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय, अयोध्या के कुलपति डा. बिजेंद्र सिंह, आइआइटी दिल्ली से सेवानिवृत्त प्रोफेसर गोपालनाथ तिवारी, राष्ट्रीय बीज विज्ञान संस्थान मऊ के निदेशक डा. संजय कुमार, आजमगढ़ मंडल के संयुक्त कृषि निदेशक एसके सिंह, कृषि विज्ञानी रवि प्रकाश मौर्या, विकासशील किसान संतोष सिंह, उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र श्रवण सिंह, एलडीएम एके पांडेय, बिंदी कारोबारी इफ्तेखार अहमद, शिक्षाविद् डा. एसके मिश्रा व डा. ईश्वरचंद्र त्रिपाठी आदि ने भी विचार व्यक्त किए। स्वागत दैनिक जागरण के उत्तर प्रदेश संपादक आशुतोष शुक्ला, स्टेट ब्यूरो प्रमुख अजय जायसवाल, गोरखपुर के संपादकीय प्रभारी मदन मोहन सिंह व  वाराणसी के संपादकीय प्रभारी भारतीय बसंत कुमार ने किया।