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    प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी बोले - "मुझे खुशी है कि काशी बड़े स्पोर्ट्स इवेंट्स के लिए तैयार हो रही है"

    By Abhishek sharmaEdited By: Abhishek sharma
    Updated: Sun, 04 Jan 2026 12:56 PM (IST)

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में 72वें राष्ट्रीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट में वर्चुअली भाग लिया। उन्होंने खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए काशी को खेल ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रव‍िवार को वाराणसी में आयोज‍ित 72वें राष्ट्रीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट में आनलाइन शाम‍िल हुए। इस दौरान उन्‍होंने ख‍िलाड़‍ियों को वर्चुअली संबोध‍ित क‍िया। उन्‍होंने कहा क‍ि आज काशी के संसद के नाते मैं सभी खिलाड़ियों का स्वागत और अभिनंदन करते हुए बहुत खुश हूं। आज से काशी में राष्ट्रीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप का शुभारंभ हो रहा है। आप सभी खिलाड़ी कड़ी मेहनत के बाद इस राष्ट्रीय टूर्नामेंट तक पहुंचे हैं। आपकी मेहनत का परिणाम आने वाले दिनों में काशी के मैदान पर देखने को मिलेगा।"

    उन्होंने आगे बताया कि देश के 28 राज्यों की टीमें यहां उपस्थित हैं, जिससे यह एक भारत, श्रेष्ठ भारत की सुंदर तस्वीर प्रस्तुत कर रही है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए शुभकामनाएं दीं।

    पीएम ने कहा, "हमारे यहां बनारस में कहा जाता है कि 'बनारस के जे जानल चाहत होई, त बनारस आवे के पड़ी।' आप लोग बनारस आ गए हैं, अब आप इसे जान भी जाएंगे। यह खेल प्रेमियों का शहर है, जहां कुश्ती, मुक्केबाजी, नौका दौड़, कबड्डी जैसे कई खेल प्रसिद्ध हैं। बनारस ने कई खेलों के राष्ट्रीय खिलाड़ियों को भी जन्म दिया है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और काशी विद्यापीठ जैसे शिक्षा संस्थानों के खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर छाए रहे हैं। काशी ने हजारों वर्षों से उन सभी का सत्कार किया है जो ज्ञान और कला की साधना के लिए यहां आते हैं।"

    उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप के दौरान बनारस का जोश ऊंचा रहेगा। "आप सभी खिलाड़ियों को उत्साह बढ़ाने वाले दर्शक भी मिलेंगे और काशी की अद्भुत परंपरा को जीने का अवसर भी मिलेगा।"

    वॉलीबॉल को एक साधारण खेल नहीं मानते हुए उन्होंने कहा, "यह संतुलन और सहयोग का खेल है। इसमें संकल्प शक्ति भी दिखती है। वॉलीबॉल हमें टीम स्पिरिट से जोड़ती है। हर खिलाड़ी का मंत्र होता है 'टीम फर्स्ट'। सभी खिलाड़ी अपनी टीम की जीत के लिए खेलते हैं। हमारी जीत हमारे कोआर्डिनेशन, विश्वास और टीम की तत्परता पर निर्भर करती है।"

    उन्होंने आगे कहा, "हमारा देश भी इसी तरह आगे बढ़ रहा है। स्वच्छता से लेकर डिजिटल पेमेंट तक, और एक पेड़ मां के नाम से लेकर विकसित भारत के अभियान तक, हम इसलिए प्रगति कर रहे हैं क्योंकि देश का हर एक नागरिक सामूहिक चेतना से 'इंडिया फर्स्ट' की भावना से काम कर रहा है।"

    पीएम ने भारत की आर्थिक प्रगति की प्रशंसा करते हुए कहा, "आजकल दुनिया में भारत की ग्रोथ की भूरी भूरी प्रशंसा हो रही है। लेकिन जब देश विकास करता है, तो यह प्रगति सिर्फ आर्थिक रूप से सीमित नहीं रहती। यह आत्मविश्वास खेल के मैदान पर भी दिखता है। पिछले कुछ वर्षों में भारत का प्रदर्शन विभिन्न खेलों में लगातार बेहतर हुआ है। हमें गर्व होता है जब हम खेल के मैदान पर तिरंगा फहराते देखते हैं।"

    उन्होंने बताया कि एक समय था जब खेलों को लेकर सरकार और समाज दोनों में उदासीनता का भाव था। इस वजह से खिलाड़ियों में अपने भविष्य को लेकर आशंका रहती थी। लेकिन पिछले दशक में भारत में सरकार और समाज की सोच में बदलाव आया है। "सरकार ने खेल बजट को काफी बढ़ा दिया है। आज भारत का खेल मॉडल एथलीट सेंट्रिक हो गया है। खिलाड़ियों के हितों को सर्वोपरि रखा जा रहा है।"

    उन्होंने कहा, "देश का हर सेक्टर रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है और स्पोर्ट्स सेक्टर में भी बड़े रिफॉर्म्स हो रहे हैं। नेशनल स्पोर्ट गवर्नेंस एक्ट और खेलो भारत नीति 2025 जैसे प्रावधानों से सही टैलेंट को अवसर मिलेगा। खेल संगठनों में ट्रांसफर के युवाओं को भारत और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में एक साथ आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।"

    बताया क‍ि, "आपने देखा होगा कि पिछले दशक में कई शहरों में फीफा अंडर 17 विश्व कप, हाकी विश्व कप जैसे बड़े इवेंट्स आयोजित किए गए हैं। 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स भी भारत में होने जा रहे हैं। भारत 2036 ओल‍िंपिक की मेजबानी के लिए भी तैयारी कर रहा है। इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों को खेलने के मौके देना है।"

    उन्होंने खेलो इंडिया अभियान की सराहना करते हुए कहा, "इसकी वजह से सैकड़ों युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर आगे आने का मौका मिला है। हाल ही में सांसद खेल महोत्सव का समापन हुआ, जिसमें करीब 1 करोड़ युवाओं ने अपनी प्रतिभा दिखाई। मेरी काशी के करीब 3 लाख युवाओं ने भी मैदान पर अपना दमखम दिखाया।"

    काशी में खेल सुविधाओं के विकास की बात करते हुए कहा, "काशी में आधुनिक खेल सुविधाएं बन रही हैं। अलग-अलग खेलों से जुड़े स्टेडियम बन रहे हैं। नई स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में आसपास के जिलों के खिलाड़ियों को भी ट्रेनिंग का मौका मिल रहा है। मुझे खुशी है कि काशी बड़े इवेंट्स के लिए तैयार हो रही है।"

    उन्होंने कहा, "वॉलीबॉल के राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए काशी का स्‍पोर्टिंग मैप में जगह बनाना बहुत अहम है। इस स्पोर्ट्स इवेंट से पहले भी काशी में कई आयोजन हुए हैं, जिससे यहां के लोगों को और यहां की लोकल इकोनॉमी को बड़े अवसर मिले हैं। जैसे बनारस में जी-20 की महत्वपूर्ण मीटिंग हुई, संगम जैसे सांस्कृतिक उत्सव हुए, प्रवासी भारतीयों का सम्मेलन हुआ।"

    अंत में, उन्होंने कहा, "काशी शंघाई सहयोग संगठन की सामूहिक राजधानी के रूप में बनी है। सांस्कृतिक राजधानी के रूप में आज इन उपलब्धियों में यह चैंपियनशिप भी एक कड़ी के रूप में जुड़ रही है। बनारस में इस समय अच्छी ठंड पड़ रही है और इस मौसम में एक से बढ़कर एक मलइयो जैसी खानपान की चीजें भी मिलती हैं। समय मिले तो बाबा विश्वनाथ का दर्शन और गंगा जी में वोटिंग का अनुभव भी अपने साथ जरूर लेकर जाएं। इस टूर्नामेंट में हर ब्लॉक पॉइंट इसी अपेक्षा के साथ सभी को फिर से बहुत-बहुत शुभकामनाएं।