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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Gyanvapi Case: क्या मंदिर पक्ष को मिलेगी पूजा-अर्चना करने की अनुमति, व्यास जी तहखाने मामले में जिला अदालत आज सुना सकती है आदेश

By Jagran NewsEdited By: Narender Sanwariya
Published: Wed, 04 Oct 2023 06:45 AM (IST)

Gyanvapi Case बीते शनिवार को काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट की ओर से वकील रवि पांडेय का पक्ष सुनने के बाद ...और पढ़ें

Gyanvapi Case: क्या मंदिर पक्ष को मिलेगी पूजा-अर्चना करने की अनुमति
Gyanvapi Case: क्या मंदिर पक्ष को मिलेगी पूजा-अर्चना करने की अनुमति

HighLights

  1. ज्ञानवापी प्रकरण में स्थानांतरण प्रार्थना पत्र पर आज आ सकता है आदेश
  2. शैलेंद्र कुमार पाठक ने 25 सितंबर को वाद दाखिल किया था

जागरण संवाददाता, वाराणसी: सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत में पं.सोमनाथ व्यास के नाती शैलेंद्र पाठक की ओर से दाखिल वाद को जिला जज की अदालत में स्थानांतरित करने की अपील संबंधित मामले में बुधवार को आदेश आ सकता है।

बीते शनिवार को काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट की ओर से वकील रवि पांडेय का पक्ष सुनने के बाद जिला जज डा.अजय कृष्ण विश्वेश ने आदेश सुरक्षित करते हुए चार अक्टूबर की तिथि तय की थी। बता दें ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यासजी के तहखाने की जिम्मेदारी जिलाधिकारी को सौंपने और वहां पूजा-पाठ करने का अधिकार देने को की मांग को लेकर शैलेंद्र कुमार पाठक ने 25 सितंबर को वाद दाखिल किया था

दी गई थी यह दलील

इसमें बताया था कि वर्षों से दक्षिणी तहखाना व्यास जी के परिवार के कब्जे में रहा है। वर्ष 1993 से पूर्व में उनके पूर्वजों द्वारा वहां पूजा-पाठ और राग-भोग किया जाता रहा है। बाद में प्रदेश सरकार के आदेश पर तहखाने को लोहे की बैरिकेडिंग से घेर दिया गया। इससे उनके पूर्वजों का पूजा-पाठ बाधित हो गया।

वर्तमान में नंदी जी के सामने स्थित तहखाने का दरवाजा खुला है। उस जगह वादी और उनके परिवार को जाने से रोका जाता रहा है। अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद की ओर से तहखाने पर कब्जा किया जा रहा है।

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