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    Gyanvapi Case: ज्ञानवापी मामले में मंदिर-मस्जिद पक्ष फिर करेंगे जिरह, AIM की पुनरीक्षण याचिका पर आज सुनवाई

    By devendra nath singhEdited By: Narender Sanwariya
    Updated: Sat, 30 Sep 2023 06:30 AM (IST)

    Gyanvapi Case अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद की ओर से जिला जज की अदालत में दाखिल पुनरीक्षण याचिका पर आज सुनवाई होगी। ज्ञानवापी परिसर में चल रहे सर्वे पर रोक के लिए अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद ने नौ अगस्त को जिला जज की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया था इसमें मस्जिद पक्ष ने बताया कि सर्वे के लिए मंदिर पक्ष की तरफ से किसी प्रकार का शुल्क नहीं जमा किया गया।

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    Gyanvapi Case: ज्ञानवापी मामले में मंदिर-मस्जिद पक्ष फिर करेंगे जिरह AIM की पुनरीक्षण याचिका पर आज होगी सुनवाई

    जागरण संवाददाता, वाराणसी: विश्व वैदिक सनातन संघ की अतंरराष्ट्रीय महामंत्री किरन सिंह की ओर से दाखिल मुकदमे की पोषणीयता पर प्रतिवादी अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद की ओर से जिला जज की अदालत में दाखिल पुनरीक्षण याचिका पर 30 सिंतबर को सुनवाई होगी।

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    सिविल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट सीनियर डिवीजन की अदालत ने मुकदमे को पोषणीय मानते हुए सुनवाई जारी रखी थी। इसके खिलाफ अंजुमन ने पुनरीक्षण याचिका दाखिल किया है।

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    ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यास जी के तहखाने का अधिकार जिलाधिकारी को सौंपने की मांग के वाद को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत से जिला जज की अदालत में स्थानांतरित करने की अपील पर सुनवाई होगी। इसमें काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट ने अपना पक्ष रखने के लिए अदालत से समय मांगा है।

    मस्जिद पक्ष की ओर से कही गई थी यह बात

    ज्ञानवापी परिसर में चल रहे सर्वे पर रोक के लिए अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद ने नौ अगस्त को जिला जज की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया था, इसमें मस्जिद पक्ष ने बताया कि सर्वे के लिए मंदिर पक्ष की तरफ से किसी प्रकार का शुल्क नहीं जमा किया गया। जबकि नियम के अनुसार, उन्हें कमीशन की कार्यवाही शुरू होने के पहले उसमें होने वाले खर्च को जमा किया जाना चाहिए।

    सर्वे के लिए एएसआई को कोई रिट जारी नहीं की गई। इसके साथ ही उन्हें सर्वे की कार्यवाही के संबंध में कोई जानकारी लिखित रूप में नहीं दी गई थी। न्यायालय द्वारा आदेश के अनुपालन के संबंध में भी उन्हें अवगत नहीं कराया गया था। इसलिए सर्वे की कार्यवाही नियम के खिलाफ है और उसे रोकने के लिए आदेश देने की प्रार्थना किया था।

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