काशी में बढ़ती भीड़ की वजह से गंगा आरती स्थगित, घाट से लेकर बाबा विश्वनाथ मंदिर तक हर तरफ श्रद्धालु
काशी में आज से गंगा आरती नहीं होगी। शहर में बढ़ती भीड़ के कारण समिति ने यह फैसला लिया है। हाईवे से लेकर श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र तक की सड़कें जाम हो चुकी हैं। गलियों तक में श्रद्धालुओं की भीड़ जमा है। भीड़ के चलते दशाश्वमेध समेत गंगा के विभिन्न घाटों पर होने वाली नैत्यिक सांध्य आरती स्थगित कर दी गई है।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। काशी विश्वनाथ, गंगा दर्शन के लिए प्रयाग-अयोध्या होते हुए देश भर से श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। इसी वजह से हाईवे से लेकर श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र तक की सड़कें जाम हो चुकी हैं।
इतना ही नहीं, गलियों तक में श्रद्धालुओं की भीड़ जमा है। भीड़ के चलते दशाश्वमेध समेत गंगा के विभिन्न घाटों पर होने वाली नैत्यिक सांध्य आरती स्थगित कर दी गई है। हालांकि सांकेतिक रूप से विधान पूरा किया जाएगा।
आमजन की सुरक्षा की दृष्टि से यह निर्णय लिया गया। गंगा सेवा निधि, गंगोत्री सेवा समिति समेत विभिन्न समितियों की ओर से श्रद्धालुओं को गंगा आरती देखने के उद्देश्य से घाट पर न आने की अपील की गई।
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इससे पहले भी गंगा आरती स्थगित की गई थी
बता दें कि प्रयागराज महाकुंभ के चलते वाराणसी में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कुछ दिनों पहले भी गंगा घाट पर गंगा आरती स्थगित की गई थी। काशी में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए किसी अनहोनी से बचने के लिए यहां पुराने दशाश्वमेध घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती पांच फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया था।
गंगोत्री सेवा समिति प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से अपील की थी कि इस अस्थायी परिवर्तन को समझदारी के साथ स्वीकारें और धैर्य बनाए रखें। वहीं, दशाश्वमेध घाट पर आरती कराने वाली संस्था गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्र ने श्रद्धालुओं से अपील की थी कि जब तक इस भीड़ का प्रवाह काशी में बना हुआ है, कृपया गंगा आरती देखने न आएं। यदि कोई गंगा आरती देखने के लिए ही काशी आने की योजना बनाया हो तो कृपया वह अपनी यात्रा को फिलहाल टाल दें और आगे बढ़ा दें।
इसके अतिरिक्त अस्सी और अन्य घाटों पर गंगा आरती कराने वाली समितियों ने भी जनसामान्य से अनुरोध किया था कि वे इस स्थिति में प्रशासन द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों और वैकल्पिक व्यवस्था का पालन करें।
वाराणसी पहुंचे लोगों होना पड़ा परेशान
गौरतलब है कि प्रयागराज में भगदड़ के बाद बड़ी मुश्किल से वाराणसी पहुंचे लोगों की परेशानी यहां भी कम नहीं हुई। जिले की बाहरी सीमा पर श्रद्धालुओं के वाहन को रोका गया। इससे शहर में जाम की समस्या को दूर रही, लेकिन आस्थावानों को पैदल चलने को मजबूर होना पड़ा। पार्किंग स्थल और शहर में की गई बैरिकेडिंग के आसपास ऑटो व ई-रिक्शा रहे लेकिन उनकी संख्या श्रद्धालुओं की भीड़ के आगे कम पड़ रही थी।
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