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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 21, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Encounter in Varanasi : अपराध की दुनिया के मनीष सिंह के दो पक्‍के दोस्‍तों को बारी-बारी से यूपी पुलिस ने मुठभेड़ में मारा

By Saurabh ChakravartyEdited By:
Published: Mon, 21 Mar 2022 02:42 PM (IST)Updated: Mon, 21 Mar 2022 03:09 PM (IST)

Encounter in Varanasi अपराध की दुनिया में एक साथ रखने वाले और अपराध जगत का बादशाह बनने की ख्वाहिश रखने ...और पढ़ें

अपराध जगत का बादशाह बनने की ख्वाहिश रखने वाले तीन कट्टर दोस्त जो दुर्दांत अपराधी भी थे।
अपराध जगत का बादशाह बनने की ख्वाहिश रखने वाले तीन कट्टर दोस्त जो दुर्दांत अपराधी भी थे।

वाराणसी, जागरण संवाददता। अपराध की दुनिया में एक साथ रखने वाले और अपराध जगत का बादशाह बनने की ख्वाहिश रखने वाले तीन कट्टर दोस्त जो दुर्दांत अपराधी भी थे। उनको बारी-बारी से यूपी पुलिस ने इस फानी दुनिया से रुखसत कर दिया। रोहित सिंह उर्फ सनी सिंह को 29 जुलाई 2015 को यूपी एसटीएफ ने मार गिराया। इसके बाद रौशन गुप्ता किट्टू को 26 नवम्बर 2020 को वाराणसी क्राइम ब्रांच ने मार गिराया। इन दोनों के बाद सोमवार को मनीष सिंह सोनू को यूपी एसटीएफ ने मार गिराया।

यह भी पढ़ें : Encounter in Varanasi : वाराणसी में दो लाख के इनामी मनीष सिंह सोनू को यूपी एसटीएफ ने लोहता इलाके में मुठभेड़ में मार गिराया

मारे गए मनीष सिंह उर्फ सोनू पुत्र अनिल सिंह निवासी नरोत्तमपुर लंका के ऊपर वाराणसी के विभिन्न थानों में 24 व पूर्वांचल सहित यूपी के कुछ जिलों में कुल मिलाकर 36 मुकदमें पंजीकृत है। 9 मार्च 2021को इसके ऊपर इनाम राशि दो लाख  करने की। घोषणा यूपी पुलिस के द्वारा की गई थी।

पहले सोनू पर एक लाख का इनाम घोषित था, जिसे 28 अगस्त को चौकाघाट काली मंदिर के पास हुए डबल मर्डर की घटना में सीसीटीवी फुटेज में चिन्हित होने के बाद एडीजी वाराणसी जोन वृजभूषण की संस्तुति के बाद दो लाख का इनाम कर दिया गया था। तब से पुलिस उसकी तलाश में थी। मनीष सिंह सोनू का नाम रोहनियां के एक व्यापारी से दस लाख की रंगदारी मांगने में सामने आया था। वर्ष 2021 के पांच अप्रैल को शुलटंकेश्वर से दर्शन-पूजन कर लौट रहे एनडी तिवारी की हत्या में भी उनका नाम सामने आया था। सितंबर 2020 में भी मिर्जापुर के चुनार में एक कंपनी के अधिकारी से रंगदारी मांगने और हत्या के मामले में नाम सामने आया था।

आतंक के पर्याय मनीष सिंह सोनू को एसटीएफ ने मार गिराया

पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुके दो लाख के इनामिया बदमाश नरोत्तमपुर लंका निवासी मनीष सिंह सोनू को एसटीएफ ने लोहता में ढेर कर दिया। वाराणसी सहित आसपास के जिलों में हत्या और लूट के मामले में सोनू सिंह का आतंक था। रोहनिया थाना क्षेत्र के अखरी निवासी एनडी तिवारी की 5 अप्रैल की रात शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर से दर्शन कर घर लौटते समय ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड का मुख्य शूटर मनीष सिंह सोनू था। सोनू सिंह ने अलावा चार हत्याकांड के चार आरोपित राजन सिंह निवासी कुशहां मिर्जापुर ,देवेंद्र सिंह निवासी अखरी और आयुष सिंह निवासी भुआलपुर को गिरफ्तार एसओजी टीम ने हत्याकांड का पर्दाफ़ाश करते हुए जेल भेजा था। इस मामले में आरोपित रमाशंकर सिंह रिंकू निवासी अखरी और हेमंत सिंह कुंडल निवासी कुंडरिया जंसा ने कोर्ट से सरेंडर कर दिया था।

सोनू सिंह की तलाश में पुलिस टीम कई जगहों पर लगातार छापेमारी की लेकिन हाथ नहीं लगा। जबकि इसके पीछे क्राइम ब्रांच और एसटीएफ भी लगी थी लेकिन घटना के बाद फरार हो जाता था।

एनडी तिवारी की हत्या के बाद उनके भाई दुर्गाप्रसाद तिवारी ने जमीन विवाद के मामले में चार नामजद के खिलाफ रोहनिया थाने में मुकदमा दर्ज कराया था जो अभी जेल में ही बंद हैं।