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    वाराणसी में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर की ईडी ने की जांच, Land Rover Defender, BMW Z4 कार सीज

    By Abhishek sharmaEdited By: Abhishek sharma
    Updated: Mon, 05 Jan 2026 05:52 PM (IST)

    ईडी ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के मामले में यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी से जुड़े दिल्ली, मुंबई, सूरत, लखनऊ और वाराणसी सहित नौ स्थानों पर तलाशी ली। इ ...और पढ़ें

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    सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी से जुड़ी दो कारें जब्‍त की गई हैं।

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के मामले में 31.12.2025 और 01.01.2026 को दिल्ली, मुंबई, सूरत, लखनऊ और वाराणसी में नौ स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।

    बताया गया क‍ि यह परिसर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी से जुड़े हैं, जो विभिन्न ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी एप्लिकेशन के माध्यम से अपराध की आय (पीओसी) के सृजन और लॉन्ड्रिंग में संलिप्त होने के संदेह में हैं। तलाशी के दौरान, अनुराग द्विवेदी की दो महंगी कारें, लैंड रोवर डिफेंडर और बीएमडब्ल्यू जेड4, पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत जब्त कर ली गई हैं। इसके अतिरिक्त, कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी जब्त किए गए हैं।

    इससे पहले, 17.12.2025 को, ईडी ने यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अनुराग द्विवेदी से जुड़े लखनऊ, उन्नाव और दिल्ली स्थित 10 परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान चार महंगी गाड़ियां - लेम्बोर्गिनी उरुस, मर्सिडीज, फोर्ड एंडेवर और थार - के साथ-साथ आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और लगभग 20 लाख रुपये नकद जब्त किए गए।

    जब्त की गई सामग्री से हवाला चैनलों के माध्यम से दुबई में रियल एस्टेट निवेश का खुलासा हुआ, और बीमा पॉलिसियों, फिक्स्ड डिपॉजिट और बैंक बैलेंस के रूप में लगभग 3 करोड़ रुपये की चल संपत्तियों को पीएमएलए, 2002 की धारा 17(1ए) के तहत फ्रीज कर दिया गया।

    पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के संचालन के संबंध में दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की। जांच में पता चला कि आरोपी सोनू कुमार ठाकुर और विशाल भारद्वाज सिलीगुड़ी से फर्जी बैंक खातों और डिजिटल प्लेटफॉर्मों का उपयोग करके एक ऑनलाइन सट्टेबाजी पैनल चला रहे थे।

    ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि अनुराग द्विवेदी अवैध सट्टेबाजी प्लेटफॉर्मों को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा था, हवाला चैनलों और फर्जी खातों के माध्यम से रसीदें प्राप्त कर रहा था और इसी रकम से दुबई में अचल संपत्तियां खरीद रहा था। यह भी पता चला कि वह भारत छोड़कर दुबई में रह रहा है और कई बार समन जारी किए जाने के बावजूद ईडी के समक्ष पेश नहीं हुआ है।

    इससे पहले इसी मामले में, ईडी ने तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था और 01.08.2025 को माननीय विशेष न्यायालय (पीएमएलए), कोलकाता में अभियोग शिकायत दर्ज की थी। ईडी ने इस मामले में लगभग 27 करोड़ रुपये की चल संपत्ति को फ्रीज/अटैच भी किया था। आगे की जांच जारी है।

    इस मामले ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ चल रही कार्रवाई को एक बार फिर से उजागर किया है, जिसमें सोशल मीडिया के प्रभाव का दुरुपयोग करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। ईडी की यह कार्रवाई न केवल अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज में जागरूकता फैलाने का भी कार्य करती है। वाराणसी में आरोप‍ित के बारे में ईडी की कार्रवाई की खूबरचर्चा हो रही है।