यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 01, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
प्राथमिक विद्यालय में रोटी-नमक प्रकरण में पत्रकार सहित तीन पर मुकदमा दर्ज Mirzapur news
विकास खंड जमालपुर के प्राथमिक विद्यालय शिउर में हुए रोटी-नमक प्रकरण ने रविवार को नया मोड़ ले लिया।

मीरजापुर, जेएनएन। विकास खंड जमालपुर के प्राथमिक विद्यालय शिउर में हुए रोटी-नमक प्रकरण ने रविवार को नया मोड़ ले लिया। खंड शिक्षा अधिकारी ने जानबूझकर, प्रायोजित तरीके से छलपूर्वक बच्चों को रोटी-नमक खिलाने का वीडियो वायरल करते हुए सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। जिस पर पुलिस दो नामजद सहित एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन में जुट गई है।
शिउर स्थित प्राथमिक विद्यालय में बीते दिनों बच्चों को रोटी-नमक खिलाने का मामला प्रकाश में आया जिसे लेकर बेसिक शिक्षा विभाग की काफी किरकिरी हुई। मामले के तूल पकडऩे पर शासन स्तर से जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू कर दी गई। सहायक अध्यापक, समन्वयक, बीईओ को निलंबित कर दिया गया वहीं बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्रयागराज से संबद्ध कर दिया है। मामला राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ते ही मुख्यमंत्री द्वारा पूरे मामले की गहनता से जांच कराने के निर्देश जारी किया गया।
जिले के आला अधिकारियों ने कई बार शिउर गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय पर पहुंच कर बच्चों, ग्रामीणों सहित दुकानदारों और रसोइयां से कई बार बयान लिया। अब विभागीय अधिकारियों द्वारा अपनी गर्दन बचाने के लिए मामले को नया मोड़ दिया जा रहा है। आरोप है कि पूरे मामले में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजकुमार पाल द्वारा षड्यंत्र रचकर एक पत्रकार की मदद से वीडियो बनवाने और उसे वायरल कराया गया है। जिलाधिकारी अनुराग पटेल के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी प्रेम शंकर राम द्वारा थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया गया है कि रोटी-नमक प्रकरण में जान बूझकर, प्रायोजित तरीके से छलपूर्वक, वीडियो बनाकर वायरल करते हुए सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की गई है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी राजकुमार पाल, पत्रकार पवन जायसवाल और एक अज्ञात के खिलाफ संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया। थानाध्यक्ष राजेश चौबे ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है।
