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    बीएचयू के छात्र की नशा मुक्ति केंद्र में संद‍िग्‍ध हाल में मौत, हत्या का मामला दर्ज, हिरासत में तीन लोग

    By Abhishek sharmaEdited By: Abhishek sharma
    Updated: Sat, 03 Jan 2026 01:21 PM (IST)

    वाराणसी के जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र में बीएचयू छात्र आदित्य गोस्वामी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। स्वजनों ने केंद्र संचालकों पर मारपीट कर ...और पढ़ें

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    छात्र की मौत के बाद केंद्र ने उसके भागने के दौरान चोट लगने का दावा किया है।

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। नशे की लत से मुक्ति के लिए जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती बीएचयू के छात्र आदित्य गोस्वामी (27 वर्ष) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। स्वजन ने केंद्र के संचालकों और कर्मचारियों पर मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

    जीजीआइसी सैयदराजा की प्रधानाचार्य प्रतिभा गोस्वामी ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा आदित्य बीएचयू से मानव विज्ञान में एमए कर रहा था। पिछले दो वर्षों से उसे नशे की लत लग गई थी, जिससे वह उग्र हो जाता था। इस समस्या के समाधान के लिए स्वजन ने आदित्य को सारनाथ के बुद्धा सिटी कालोनी स्थित जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। उन्होंने बेटे की सुविधा के लिए 19 हजार रुपये प्रतिमाह का पैकेज लिया था।

    केंद्र के कर्मचारी 27 दिसंबर को आदित्य को लेकर गए थे। इसके बाद स्वजन ने कई बार केंद्र जाकर आदित्य से मिलने की कोशिश की, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया। कर्मचारी अलग-अलग बहाने बनाकर उन्हें लौटा देते थे। जब मां प्रतिभा गोस्वामी ने वीडियो दिखाने की मांग की, तो उन्हें सोए हुए एक व्यक्ति की दूर से फुटेज दिखा दी गई।

    शुक्रवार की सुबह, नशा मुक्ति केंद्र के संचालक युवराज सिंह ने फोन करके बताया कि आदित्य को दिल का दौरा पड़ा है और उसे मवैया स्थित दीर्घायु हास्पिटल ले जाया जा रहा है। जब स्वजन वहां पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि केंद्र के कर्मचारी आदित्य के शव को स्ट्रेचर से उतारकर कार में डाल रहे थे। यह देखकर स्वजन ने सवाल किया, तो उन्हें बताया गया कि आदित्य की मौत हो गई है।

    अस्पताल में मौजूद लोगों ने बताया कि आदित्य को मृत अवस्था में ही लाया गया था। उसके शरीर पर कई चोटों के निशान थे, जिसे देखकर स्वजन ने पुलिस को बुला लिया। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि नशा मुक्ति केंद्र में आदित्य की बुरी तरह से पिटाई की गई है, जिससे उसकी मौत हुई।

    पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। चिकित्सकों का कहना है कि आदित्य की मौत चोट के कारण हुई है, और उसके शरीर पर कई निशान हैं। आदित्य के पिता राकेश भारती गोरखपुर में कार्यालय अधीक्षक हैं। वह दो भाइयों में बड़े थे और ताइक्वांडो के खिलाड़ी भी थे। उनका छोटा भाई अमिताभ भारती दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में काम करता है।

    सारनाथ थाना प्रभारी पंकज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही, जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र की वैधता की जांच भी की जा रही है। जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र में वर्तमान में 45 लोग भर्ती हैं। आठ महीने पहले चौकाघाट का आदर्श सिंह भी यहां भर्ती हुआ था, जो अब केंद्र का केयर टेकर बन गया है।इसी तरह, जौनपुर के बरही, नेवढ़िया का सतीश सिंह भी नशा छुड़ाने आया था और अब कुक बन गया है।

    केंद्र की काउंसलर पूजा मौर्य ने बताया कि आदित्य ने 29 दिसंबर को भागने की कोशिश की थी और कर्मचारियों को कमरे में बंद करके छत से कूद गया था, जिससे उसे चोट लगी थी। शुक्रवार की सुबह नहाने के बाद वह सो गया था। जब कर्मचारी त्रिभुवन नाश्ते के लिए पूछने गए, तो उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।