वाराणसी : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से संबद्ध बलिया के 122 कालेज अब जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय से जुड़ गए हैं। इससे काशी विद्यापीठ को पहले वर्ष करीब सात करोड़ रुपये का घाटा होने का अनुमान है। वैसे विद्यापीठ को वित्तीय वर्ष 2017-18 में कुल 17 करोड़ 99 लाख 75 हजार रुपये घाटा होने का अनुमान है। इसका प्रमुख कारण बलिया के कालेज कटने, सातवां वेतन आयोग की सिफारिश लागू करने व शिक्षकों की भर्ती को बताया जा रहा है। वहीं अध्यापकों व कर्मचारियों के वेतन पर आय का कुल 54 फीसद खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।

कुलपति डा. पृथ्वीश नाग की अध्यक्षता में शनिवार को वित्त समिति की बैठक हुई। इसमें वित्तीय वर्ष 2016-17 का पुनरीक्षित बजट व वर्ष 2017-18 के अनुमानित बजट की संस्तुति मिल गई। कार्यपरिषद से मंजूरी मिलने के बाद इसे प्रभावी माना जाएगा।

वित्त समिति ने गंगापुर परिसर में मनोविज्ञान, मूर्ति कला व समाजशास्त्र में संविदा पर शिक्षकों के चार पद सृजित करने की भी स्वीकृति प्रदान दी। बैठक में वित्त अधिकारी प्रो. एसबी सिंह, कुलसचिव ओम प्रकाश, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी केके तिवारी, अपर आयुक्त (वित्त) एके द्विवेदी, शिवानंद गिरी आदि शामिल थे।

शुरू होगी रेमिडियल कोचिंग

विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने संसाधन से एससी/एसटी के लिए रेमिडियल कोचिंग फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है। कोचिंग पर विद्यापीठ अधिकतम 60 हजार रुपये खर्च करेगा। इससे पहले यह कोचिंग यूजीसी के सहयोग चल रही थी।

रोवर्स-रेंजर्स के लिए नियमावली

विश्वविद्यालय में रोवर्स-रेंजर्स के लिए अब तक कोई नियमावनी नहीं है। इसे देखते हुए पूर्वाचल विवि की नियमावली समीक्षा करने के बाद लागू करने का निर्णय लिया गया है।

एक नजर बजट पर ::::::::

वित्तीय वर्ष : 2016-17 का पुनरीक्षित बजट

आय : 78949200 रुपये

व्यय : 789551000 रुपये

घाटा : 59000 रुपये

वित्तीय वर्ष : 2017-18 का अनुमानित

आय : 714821900 रुपये

व्यय : 894796000 रुपये

घाटा : 179975000 रुपये

Posted By: Jagran