6 महीने की मेहनत से तैयार फसल, 20 मिनट में चट कर गए मवेशी, किसान ने कर ली आत्महत्या
सोहरामऊ क्षेत्र के शेखपुर गांव निवासी 45 वर्षीय सुरेश यादव डेढ़ बीघा खेती के सहारे परिवार का गुजारा चलाता था। बेसहारा मवेशियों से फसल की सुरक्षा के लिए रोज की तरह शनिवार रात करीब 11 बजे वह खेत पहुंचा। मवेशियों द्वारा पूरी फसल को चरा देख वह अवाक रह गया।

उन्नाव, जागरण ऑनलाइन टीम : मवेशियों के फसल चरने से दुखी किसान ने घर पहुंचकर पत्नी से झगड़े के बाद फंदा लगाकर जान दे दी। कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला गया। बिलख रही पत्नी ने बताया कि बेटे मामा के घर चले गए थे। पति रात में घर लौटे और बच्चों के खेत पर न जाकर मामा के घर चले जाने से मवेशियों द्वारा खेत चरने का उलाहना देकर झगड़ने लगे। उसने बच्चों का पक्ष लिया तो नाराज हो कमरे में जाकर फांसी लगा ली। किसान की मौत से पत्नी-बच्चे बेहाल हैं। दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला गया।
डेढ़ बीघा खेती में चलता परिवार का गुजारा
सोहरामऊ क्षेत्र के शेखपुर गांव निवासी 45 वर्षीय सुरेश यादव डेढ़ बीघा खेती के सहारे परिवार का गुजारा चलाता था। बेसहारा मवेशियों से फसल की सुरक्षा के लिए रोज की तरह शनिवार रात करीब 11 बजे वह खेत पहुंचा। मवेशियों द्वारा पूरी फसल को चरा देख वह अवाक रह गया। करीब एक घंटे बाद खेत से घर पहुंचा। 6 महीने की मेहनत के बाद फसल तैयार हुई थी।
पत्नी गीता के अनुसार उसके तीन बेटे विपिन, शैलू व अमन शनिवार को खिचड़ी खाने मामा के घर चले गए थे। रात में घर पहुंचे पति ने मवेशियों के खेत चरने की बात कह मामा के घर गए बच्चों पर भड़ास निकालनी शुरू कर दी। बोले, बच्चे होते और खेत जाते तो फसल बच जाती। गीता ने बताया कि उसने त्योहार की बात कह बच्चों का पक्ष लिया तो झगड़कर पति कमरे में चले गए और दुपट्टे से फांसी लगा ली। कुछ देर बाद दरवाजा खटखटाने पर कोई प्रतिक्रिया न देख देवर उमेश व सुभाष को जानकारी दी।
दोनों ने दरवाजा तोड़ा तो शव छत के कुंडे से लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसओ अमित सिंह ने बताया कि पत्नी से झगड़े के बाद सुरेश द्वारा खुदकुशी करने की बात सामने आई है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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