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    इस दिन से खुल जाएगा छह लेन का कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे, ओपनिंग डेट का हुआ एलान

    Updated: Wed, 03 Dec 2025 06:07 PM (IST)

    कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के खुलने की तारीख का एलान हो गया है, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। छह लेन का यह एक्सप्रेसवे लगभग बनकर तैयार है और जल्द ...और पढ़ें

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    कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे। जागरण

    जागरण संवाददाता, उन्नाव। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के संचालित होने के अब तक कई दावे अधिकारियों द्वारा किए जा चुके हैं। दावों के अनुसार जिसकी आखिरी तारीख 30 नवंबर 2025 भी बताई गई थी। हालांकि अभी भी एक्सप्रेसवे संचालन की स्थिति में नही है। इस बाबत नवागत पीडी एनएचएआइ लखनऊ यूनिट नकुल वर्मा का दावा है कि मार्च 2026 में हर हाल में चालू हो जाएगा।

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    पीडी का दावा है कि वैसे तो हमें फरवरी कहा गया है लेकिन मार्च में अवश्य कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के सफर का अवसर सभी को मिलने लगेगा। पीडी ने बताया कि अभी लखनऊ में स्कूटर इंडिया चौराहे के पास थोड़ा काम शेष है। जिसके पूरा होने में दो से तीन माह का समय लगेगा। हालांकि मार्ग का संचालन मार्च 2026 में होना तय है।

     

    पांच जनवरी 2022 में निर्माण की शुरुआत हुई थी

    लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण की शुरुआत पांच जनवरी 2022 को हुई थी। इस फिलहाल से एक्सप्रेस वे के निर्माण को लगभग चार साल होने वाले हैं। फिलहाल छह लेन में बनाया जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे लखनऊ के लखनऊ के शहीद पथ के पास से शुरू होकर बनी, कांथा, अमरसास को जोड़ते हुए कानपुर-लखनऊ नेशनल हाइवे के आजाद मार्ग पर गंगाघाट क्षेत्र में गांव कडेर पतारी पर समाप्त हो रहा है।

     

    उन्नाव में यहां से जुड़ेगा

    वहीं इसे कानपुर के उद्योग पथ से भी जोड़ा जाएगा। उन्नाव में गंगा एक्सप्रेसवे व लखनऊ की बाहरी रिंग रोड को भी इसके साथ जोड़ा जाएगा। इसका निर्माण इसी वर्ष जुलाई तक पूरा किया जाना था। एक्सप्रेस वे निर्माण में देश में पहली बार एआइएमजीसी (आटोमेटेड इंटेलिजेंस मशीन गाइडेड कंस्ट्रक्शन) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। अमेरिका व जर्मनी के बाद भारत में पहली बार सड़क निर्माण में इस तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। निर्माण एजेंसी का दावा है कि यह एक्सप्रेसवे कम से कम दस वर्षों तक नहीं टूटेगा।

     

    63 किमी का एक्सप्रेसवे

    लखनऊ-कानपुर के बीच 63 किलोमीटर के इस एक्सप्रेसवे में बनी से लेकर कानपुर तक 45 किलोमीटर का ग्रीन फील्ड क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। ग्रीन फील्ड के क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के निर्माण में एआइएमजीसी तकनीक के साथ-साथ जीपीएस (वैश्विक स्थान निर्धारण प्रणाली) व थ्रीडी तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे एक्सप्रेस वे एकदम समतल बनेगा और निर्धारित मात्रा में ही निर्माण सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है।