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    Unnao: पूर्व मुख्यमंत्री अखि‍लेश के स्टार प्रचारक रहे सुरेश की संदिग्ध हालात में मौत, जांच में जुटी पुल‍िस

    By Jagran NewsEdited By: Vinay Saxena
    Updated: Fri, 11 Aug 2023 12:26 AM (IST)

    एएसपी शशिशेखर सिंह ने घटना की जानकारी से इनकार किया है। थाना प्रभारी अवधेश कुमार ने बताया कि महज कहासुनी हुई थी जिसके बाद वह ठीक थे। दोपहर में अचानक सीने में दर्द होने से मौत हो गई। हार्ट अटैक की संभावना जताई है। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की बात कही है।

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    पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की बात कही है।

    उन्नाव, जागरण टीम। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरह दिखने वाले व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के स्टार प्रचारक सोहरामऊ क्षेत्र के चौपई गांव निवासी सुरेश कुमार योद्धा की गुरुवार शाम संदिग्ध हालात में मौत हो गई। पत्नी का आरोप है कि 27 व 28 जुलाई को पड़ोसियों की मारपीट से आई चोटों से जान गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की बात कही है।

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    क्‍या है पूरा मामला?  

    सोहरामऊ के चौपई गांव निवासी सुरेश कुमार योद्धा पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के स्टार प्रचारक थे। उनकी पत्नी सरिता वर्मा उद्योग निदेशालय कानपुर में अपर सांख्यिकीय अधिकारी हैं। उन्होंने बताया कि गांव में चौकी का निर्माण हो रहा है। 27 जुलाई को को पति सुरेश चौकी बनने की खुशी में उसका वीडियो बना रहे थे। पड़ोसी रमन व उमेश ने वीडियो बनाने पर एतराज किया और अभद्रता भी की। शाम को पति के हाथ में डंडा मार दिया। 27 जुलाई की रात में पति गांव के प्रेमशंकर के साथ क्षेत्र के चिलौली गांव में रहने वाले दिवंगत जेठ ओमप्रकाश के दामाद रोहित के साथ बाइक से गए थे।

    जान बचाने के ल‍िए तलाब में कूदे

    28 जुलाई की सुबह प्रेमशंकर के साथ बाइक से लौट रहे थे। घर के पास ही आरोपितों ने उन्हें रोक लिया और मारपीट शुरू कर दी। सुरेश को पिटता देख प्रेमशंकर ने विरोध किया तो आरोपितों ने उन्हें भी दौड़ा लिया। पति सुरेश जान बचाने के लिए तालाब में कूद गए। उन्हें गंभीर चोटें आईं। आरोपितों ने बाइक को तोड़ दी और अपने साथ लेकर चले गए। उसी दिन शिकायत लेकर सोहरामऊ थाना गए। कार्रवाई की जगह सुलह का दबाव बनाया गया तो पति वहां से लौट आए।

    पत्नी सरिता के अनुसार, 29 जुलाई को वह डीजीपी से मिलने पहुंची और आपबीती सुनाई। वहां से फोन आने पर दो सिपाही घर पहुंचे और बयान लिखवाए। कहा कि बाइक तोड़ने की बात लिखो, बाइक ले जाने की बात नहीं लिखी जाएगी। हालांकि, पति इस पर तैयार नहीं हुए। पति के हाथ, कंधे व कूल्हे समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोट देख जिला अस्पताल ले गए। रात में आरोपित चुपके से बाइक घर के बाहर खड़ी कर भाग गए। 30 जुलाई को पति को लखनऊ के लोकबंधु अस्पताल में दिखवाया। डॉक्टर ने दवा दी तो घर ले आए। गुरुवार सुबह उलझन होने पर ईनो पीया तो उल्टियां हो गई।

    हार्ट अटैक की संभावना  

    सांस लेने में दिक्कत व घबराहट होने पर बंथरा अस्पताल ले गए, जहां से लखनऊ रेफर कर दिया गया। सरोजनी नगर स्थित एक सरकारी अस्पताल ले गए, जहां से कहीं और ले जाने को कहा गया। वापस जिला अस्पताल लेकर पहुंचे तो डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। एएसपी शशिशेखर सिंह ने घटना की जानकारी से इनकार किया है। थाना प्रभारी अवधेश कुमार ने बताया कि महज कहासुनी हुई थी, जिसके बाद वह ठीक थे। दोपहर में अचानक सीने में दर्द होने से मौत हो गई। हार्ट अटैक की संभावना जताई है।