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    सांस और हृदय रोगियों के लिए समस्या बनी कड़ाके की ठंड, सुलतानपुर में बढ़े मरीज

    Updated: Mon, 05 Jan 2026 03:17 PM (IST)

    इन दिनों पड़ रही कड़ाके की ठंड ने सांस व हृदय रोगियों की समस्याओं को बढ़ा दिया है। ओपीडी में इस प्रकार के अधिकतम 50 मरीज आते थे, उनकी संख्या अब बढ़कर ...और पढ़ें

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    सांकेति‍क तस्‍वीर।

    संवाद सूत्र, सुलतानपुर। इन दिनों पड़ रही कड़ाके की ठंड ने सांस व हृदय रोगियों की समस्याओं को बढ़ा दिया है। ओपीडी में इस प्रकार के अधिकतम 50 मरीज आते थे, उनकी संख्या अब बढ़कर 200 तक पहुंच गई है। प्रतिदिन 80 से अधिक मरीजों की ईसीजी की जा रही है। इस समय ज्यादातर बेड सांस, सर्दी व खांसी के मरीजों से भरे हैं। चिकित्सक के अनुसार सर्दी में रक्त दबाव प्रभावित होने से हार्ट अटैक की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं।

    सोमवार को वरिष्ठ फिजीशियन डा. पवन कुमार सिंह की ओपीडी में मरीजों की लंबी कतार लगी थी। सौरमऊ के दिनेश, उंचखैनी के शमीम, चुनहा के रामदेव, अमहट के फिरोज सांस लेने व सीने में दर्द की समस्या से पीड़ित थे। चिकित्सक ने उन्हें पर्चे पर ईसीजी कराने की सलाह दी। डा. पवन कहते हैं कि जाड़े में रक्त प्रवाह पर सीधा असर पड़ता है। धमनियों तक रक्त प्रवाह को सुचारु बनाए रखने में हृदय को पंप करने में ज्यादा मेहनत करना पड़ता है।

    ऐसे में हार्ट के साथ-साथ ब्रेन स्ट्रोक के भी खतरे बढ़ जाते हैं। चिकित्सक के अनुसार ओपीडी में प्रतिदिन 100 हृदय तथा लगभग इतने ही फेफड़े के रोगी आ रहे हैं। यह शीतलहर के कारण है। सर्दी में नमी बढ़ जाती है और हवा का दबाव कम होने से धूल, धुआं व अन्य प्रदूषित तत्व वातावरण में धुंध में शामिल रहते हैं।

    इनके कारण सांस व खांसी के मरीजों की समस्याएं बढ़ जाती हैं। अस्पताल में सिर्फ जरूरी मरीजों को ही भर्ती किया जाता है। शेष को पांच दिन की दवाएं देकर घर भेज दिया जाता है। कुछ गंभीर मरीजों को लखनऊ भी रेफर करना पड़ता है। हालांकि अस्पताल में पर्याप्त रूप से बेड, दवाएं व सेवा उपलब्ध है।

    सावधानियां

    हृदय रोगी पहले से चली आ रही दवाएं समय से लेते रहें। अलाव सीधे तापने से बचें। सांस रोगी जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकलें। इसके पूर्व वे मास्क का प्रयोग अवश्य करें। सांस रोगी इनहेलर लेते रहें। दोनों ही प्रकार के रोगी तनाव, सर्दी व धूमपान से बचें। गुनगुने पानी से नहाएं और गुनगुना पानी ही पीएं। पौष्टिक भोजन का सेवन अवश्य करें।

     

    शीतलहर पर शासन की गाइडलाइन के अनुसार सभी सुविधाओं की समीक्षा कर ली गई है। चिकित्सक समेत सभी स्वास्थ्यकर्मियों काे रोगियों के उचित इलाज व देखभाल के आदेश दिए गए हैं। दवाएं व जांच की सुविधा मरीजों के लिए निश्शुल्क उपलब्ध है।- डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य