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    सोनभद्र में अवैध परिवहन में शामिल दो पासरों पर गैंगस्टर की कार्रवाई, उप खन‍िज तस्‍करी का आरोप

    By Rishi GuptaEdited By: Abhishek sharma
    Updated: Fri, 02 Jan 2026 03:35 PM (IST)

    ओबरा पुलिस ने सोनभद्र में अवैध खनिज परिवहन में शामिल दो पासरों, संजय चौहान और सुग्रीव चौहान, के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। इन पर बिना ...और पढ़ें

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    जांच के दौरान मालूम चला कि यह दोनों पासर आपस में रिश्तेदार हैं।

    जागरण संवाददाता, ओबरा(सोनभद्र)। ओबरा पुलिस ने अवैध परिवहन में शामिल रहे दो पासरों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की है। आरोपित दोनों पासरों के खिलाफ ओबरा कोतवाली में एक दर्जन से अधिक धाराओं में केस दर्ज हैं। वहीं डीएम सोनभद्र द्वारा गैंगस्टर की कार्रवाई का अनुमोदन मिलते ही पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है।

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    प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार चौरसिया का कहना है कि तकिया, राबर्टसगंज निवासी संजय चौहान और अहरौरा मिर्जापुर निवासी सुग्रीव चौहान दोनों ही आरोपित पिछले काफी समय से उपखनिज लदी ट्रकों को बिना वैध प्रपत्र के जनपद की सीमा से बाहर भेजने का काम करते रहे हैं। इसे लेकर पूर्व में हुए जांच के दौरान इन दोनों पासरों के नाम सामने आये।

    जांच के दौरान मालूम चला कि यह दोनों पासर आपस में रिश्तेदार हैं और यह गिरोह बनाकर बिना वैध प्रपत्र उपखनिज लदे हुए ट्रकों को रोजाना बड़े पैमाने पर जनपद की सीमा से बाहर निकालने का काम किया करते हैं। इनका गिरोह सिर्फ जनपद में ही सक्रिय नहीं था, बल्कि यह गिरोह सीमावर्ती जिलों में भी गाड़ियों को पास कराने के लिए ट्रक मालिकों से मोटी रकम वसूला करते थे।

    इसके साथ ही इनके गिरोह में शामिल युवक जनपद सहित अन्य सीमावर्ती जिलों में चप्पे-चप्पे पर संबंधित अधिकारियों पर निगरानी रखा करते थे, ताकि अवैध तरीके से ट्रकों पर लदे हुए गिट्टी और बालू उनके गंतव्य तक आसानी से पहुंचाया जा सके।

    आरोपितों पर कई संगीन धाराओं में हैं, केस दर्ज
    पुलिस की जांच में मालूम चला है कि पिछले काफी समय से उपखनिजों का अवैध परिवहन कराने वाले आरोपित संजय चौहान व सुग्रीव चौहान का सिंडिकेट कम समय में ही अवैध कारोबार में तेजी से पांव पसार चुका था। इनका गिरोह इतना सक्रिय था कि यह अवैध परिवहन पर लगाम लगाने वाले सम्बंधित विभाग के अधिकारियों एक-एक मूवमेंट पर सटीक निगरानी रखा करते थे। जिसकी बदौलत यह वैध प्रपत्र के बगैर ट्रकों पर लदे हुए उपखनिज को उनकी पहुंच से दूर रखने का प्रयास करते थे।

    इसके साथ ही दोनों आरोपितों का आतंक व भय आम लोगों पर इस कदर हावी था कि कोई भी व्यक्ति इनके खिलाफ शिकायत करने से गुरेज करता था। हालांकि बीते वर्ष फ़रवरी के दौरान जांच टीम की पकड़ में आये अवैध परिवहन में शामिल ट्रकों के खिलाफ की गयी कार्रवाई के दौरान इस गिरोह से जुड़े कई लोगों के नाम सामने आये। जिनके खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की। इन दोनों आरोपितों पर उप्र उपखनिज परिहार नियमावली, सावर्जनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, खान व खनिज (विकास का विनियमन) व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया।