दो महीने पहले जली थी छात्रा, अब सुसाइड नोट पर मुकदमा; दो दिन इलाज के बाद लखनऊ में हो गई थी मौत
सीतापुर के मानपुर थाना क्षेत्र में अक्टूबर में जली 12वीं की छात्रा शालू बरई की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। हाल ही में उसका सुसाइड नोट मिला, ज ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, सीतापुर। मानपुर थाना के एक गांव में अक्टूबर माह में जलने से झुलसी बारहवीं की छात्रा की लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
परिवारजन को अब उसका सुसाइड नोट मिला है। इसके आधार पर रविवार को तीन लोगों को विरुद्ध आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मुकदमा लिखा गया है। सुसाइड नोट को पुलिस ने फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है।
मखवापुर की शालू बरई जलालपुर के एक स्कूल में बारहवीं की छात्रा थीं। 13 अक्टूबर 2025 को वह अपने घर में गंभीर रूप से झुलस गई थीं। घटना के समय वह घर पर अकेली थीं। लखनऊ के केजीएमयू में इलाज के दौरान 15 अक्टूबर को उनकी मौत हो गई थी।
शालू के भाई जानू मिश्र का कहना है कि कुछ दिन पहले कमरे की सफाई के दौरान शालू का सुसाइड नोट मिला। इसमें लिखा है कि गांव की वर्षा मिश्रा व निरंजन शर्मा और हरदोई के गांव सारीपुर के अंकित तिवारी उसे परेशान करते थे।
अंकित तिवारी शालू के पड़ोसी संदीप शुक्ल का साला है। जानू का आरोप है कि शालू को स्कूल जाते समय निरंजन शर्मा और अंकित परेशान करता था। इसमें वर्षा उनका सहयोग करती थी।
वर्षा मिश्रा को कभी माफ न करना
शालू ने सुसाइड नोट में वर्षा मिश्रा को कभी माफ न करने की बात लिखी है। यह भी लिखा है वर्षा की वजह से अंकित और निरंजन मिलकर उसकी हत्या करना चाहते थे। उसके आत्मदाह में घर वालों की कोई भूमिका नहीं है।
पुलिस पर टरकाने का आरोप
जानू मिश्र का आरोप है कि मानपुर पुलिस पिछले दस दिन से टरका रही थी। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल से मिलने के बाद मुकदमा लिखा गया है।
जानू मिश्र की तहरीर पर मुकदमा लिख लिया गया है। सुसाइड नोट को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। इसमें शालू की हैंडराइटिंग का पता लगाया जाएगा। इसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-अभिषेक मिश्र, थानाघ्यक्ष, मानपुर।

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