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    लखीमपुर के बाद इस जिले में ढह गई Jal Jeevan Mission के तहत निर्मित पानी की टंकी, जानें कब और कितने करोड़ में किया गया था निर्माण

    Updated: Thu, 29 May 2025 05:47 PM (IST)

    Jal Jeevan Mission OverHead Water Tank 5.31 करोड़ रुपये की लागत से 18 मीटर ऊंची 350 किलोलीटर क्षमता की पानी टंकी बनवाई गई थी। इसका शुभारंभ पिछले वर्ष जनवरी में किया गया था। टंकी से चुनका नवाबपुर अमईपुर बेहमा नईगढ़ी भीरपुर दौलतपुर चौकी समेत आठ गांवों की 5000 से अधिक आबादी को जलापूर्ति की जा रही थी।

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    5.31 करोड़ रुपये की लागत से 18 मीटर ऊंची 350 किलोलीटर क्षमता की पानी टंकी बनवाई गई

    संवाद सूत्र, जागरण, सीतापुर : नल से हर घर पेयजल उपलब्ध कराने की केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन को लगातार झटका लगता जा रहा है। लखीमपुर खीरी के बाद अब पड़ोसी जिले में गुरुवार को पानी की टंकी धमाके के साथ जमीन पर आ गिरी।

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    जल जीवन मिशन के अंतर्गत पहला ब्लाक के चुनका गांव में 5.31 करोड़ रुपये से बनी पानी की टंकी गुरुवार की दोपहर तेज धमाके के साथ ढह गई। इसमें गांव के तीन लोग चोटिल हो गए हैं। अधिशासी अभियंता का कहना है टंकी का लाइनर (टंकी के अंदर लगा एक तरह का गुब्बारा) फटने की घटना हुई है।

    इससे पहले बीते वर्ष अगस्त में महोली के चितहला गांव में ट्रायल के दौरान टंकी ढह चुकी है। 27 अप्रैल 2025 को लखीमपुर में 3.54 करोड़ रुपये में बनी पानी की टंकी धराशाई हो गई थी। माना जा रहा है कि प्रदेश के जिलों में पानी की टंकी बनाने में खेल हो रहा है।

    चुनका गांव में नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 18 मीटर ऊंची 350 किलोलीटर क्षमता की पानी टंकी बनवाई थी। इसका शुभारंभ पिछले वर्ष जनवरी में किया गया था। टंकी से चुनका, नवाबपुर, अमईपुर, बेहमा, नईगढ़ी, भीरपुर, दौलतपुर व चौकी समेत आठ गांवों की पांच हजार से अधिक आबादी को जलापूर्ति की जा रही थी।

    तेज धमाका होने के साथ गुरुवार की दोपहर टंकी ढह गई। इसमें चुनका गांव निवासी चौकीदार भानु प्रताप, शत्रोहनलाल और शिवांश चोटिल हो गए। बहरहाल, सभी को प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे गई। जांच करने पहुंचे जल निगम-ग्रामीण के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि लाइनर फटने के वजह से घटना हुई है। विस्तृत जांच के लिए लखनऊसे टीम आ रही है।

    पानी की बहाव नहीं झेल पाई चहारदीवारी

    चुनका में सिर्फ टंकी ही नहीं बल्कि चहारदीवारी की गुणवत्ता भी बेहतर नहीं थी। इसीलिए वह पानी का दबाव तक नहीं झेल पाई और फट गई। उधर, टंकी का मलबा 50 मीटर दायरे में फैल गया। इससे परिसर में लगे सोलर पैनल टूट भी टूट गए।

    विधायक ने गुणवत्ता पर उठाए थे सवाल

    महमूदाबाद विधायक आशा मौर्या ने घटना के बाद एक्स पर संदेश साझा किया, जिसमें टंकी की गुणवत्ता पर पूर्व में सवाल उठाने की बात लिखी है। उन्होंने बताया कि जलजीवन मिशन से कराए जा रहे कार्यों में गुणवत्ता के साथ हो रहे खिलवाड़ को लेकर पहले की आगाह किया गया था। जिलाधिकारी के साथ ही विधानसभा पोर्टल पर शिकायत की गई थी। बावजूद इसके कार्रवाई नहीं हुई।

    शासन को अवगत करा दिया गया

    जिलाधिकारी, अभिषेक आनंद ने बताया कि पानी की टंकी जनवरी 2024 से संचालित है। इसके ढहने के प्रकरण से शासन को अवगत करा दिया गया है। उच्च स्तरीय तकनीकी टीम जांच करने पहुंच रही है। जिला स्तर पर भी एसडीएम महमूदाबाद व लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता की अध्यक्षता में टीम गठित कर जांच करवाई जाएगी।

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