सिद्धार्थनगर में सरकारी क्रय केंद्रों पर सन्नाटा, प्राइवेट मंडियों में लग रहा धान का अंबार
सिद्धार्थनगर में सरकारी धान क्रय केंद्रों पर सन्नाटा है, जबकि निजी मंडियों में धान का अंबार लगा है। किसान सरकारी केंद्रों पर तौल में परेशानी और देरी क ...और पढ़ें

सरकारी क्रय केंद्रों पर सन्नाटा।
जागरण संवाददाता, डुमरियागंज। सरकार भले ही किसानों की आय दोगुनी करने की बात कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। धान खरीद के सरकारी केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है, जबकि प्राइवेट मंडियों में धान का पहाड़ दिखाई दे रहा है। अधिकतर किसान सरकारी क्रय केंद्रों तक पहुंच नहीं पा रहे, जिससे वे मजबूरी में अपनी उपज निजी गल्ला व्यापारियों को बेच रहे हैं।
तहसील क्षेत्र में कुल पांच धान क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें चार केंद्र मंडी समिति सहियापुर में संचालित हैं, जिनमें विपणन डुमरियागंज के दो, विपणन भनवापुर का एक और एफसीआई का एक केंद्र शामिल है।
शनिवार को इन सभी सरकारी केंद्रों पर सन्नाटा पसरा मिला, जबकि तहसील क्षेत्र की सबसे बड़ी प्राइवेट मंडी में धान से भरे बड़े-बड़े रैक लगे नजर आए।
किसानों का कहना है कि सरकारी केंद्रों पर तौल को लेकर उन्हें बार-बार परेशान किया जाता है। किसान भगवानदास, कृपाराम, धनेश्वर, रामजी और तिलकराम ने बताया कि ट्राली से धान लाकर केंद्र पहुंचने पर अक्सर यह कहकर लौटा दिया जाता है कि आज तौल नहीं होगी।
एक-दो दिन बाद आने को कहा जाता है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं। इसी कारण किसान निजी मंडियों का रुख करने को मजबूर हैं। एफसीआई केंद्र प्रभारी रंजीत कुमार ने बताया कि किसानों को तय समय पर केंद्र पर बुलाया जाता है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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