नशे के खिलाफ ग्रामीणों ने छेड़ी जंग, 36 बिरादरी की करेंगे महापंचायत
पंचायत में गांवों में नशे की बिक्री पर रोक का ऐलान। ...और पढ़ें

नशे के खिलाफ ग्रामीणों ने छेड़ी जंग, 36 बिरादरी की करेंगे महापंचायत
संवाद सूत्र जागरण, चौसाना (शामली) : जिले के गांव खोडसमा में रविवार को नशे के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया। भाकियू के बैनर तले आयोजित पंचायत में जुटे ग्रामीणों ने एक स्वर में नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने की कसम खाई।
पंचायत में आए लोगों ने कहा कि ग्रामीण अंचल समेत चौसाना और झिंझाना इलाके में नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है, जिसने युवा पीढ़ी को बर्बादी की ओर धकेल दिया है। नशे की गिरफ्त में आकर युवक चोरी, लूट और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं, जिससे गांवों का सामाजिक ताना-बाना टूटता जा रहा है। भाकियू ऊन ब्लाक अध्यक्ष अरविंद कुमार ने कहा कि नशा आज समाज की सबसे बड़ी बीमारी बन चुका है। यदि समय रहते इसे नहीं रोका गया तो आने वाली पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि नशे के कारोबार में लिप्त लोगों को किसी भी सूरत में संरक्षण न दिया जाए और पंचायत के फैसलों का सख्ती से पालन किया जाए। पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि खोडसमा गांव में यदि कोई व्यक्ति नशे का सामान बेचते हुए पकड़ा गया तो उसे पहले पंचायत स्तर पर चेतावनी दी जाएगी। इसके बाद भी यदि वह नहीं माना तो पंचायत स्वयं उसे पकड़कर पुलिस के हवाले करेगी। पंचायत ने यह भी साफ किया कि यह लड़ाई किसी एक गांव की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की है।
बैठक में यह मुद्दा भी जोर-शोर से उठा कि झिंझाना क्षेत्र के कई गांवों में खुलेआम नशे का कारोबार चल रहा है। पंचायत ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि ऐसे सभी गांवों में तत्काल कार्रवाई कर नशे के अड्डों को बंद कराया जाए। चेतावनी दी गई कि यदि पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो 36 बिरादरी की महापंचायत बुलाकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

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