यूपी के इस जिले में अवैध कब्जों पर गरजेगा बुलडोजर, अतिक्रमण हटाने की तय हो गई तारीख
शामली जिले में एनजीटी के आदेश पर वन भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज हो गया है। लगभग 8000 बीघा वन भूमि में से 500 बीघा पर कब्जा था, जिसमें से 175 ...और पढ़ें

शामली में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज, एनजीटी के आदेश पर कार्रवाई
उदयवीर सिंह, शामली। एनजीटी के आदेश पर शामली जिले में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज हो गई है। जिले में करीब आठ हजार बिघा वन भूमि में से करीब पांच सौ बिघा पर कब्जा पाया गया था।
अब तक लगभग 175 बीघा भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई जा चुकी है। शेष करीब 300 बीघा भूमि को खाली कराने के लिए प्रशासन ने तिथियां तय कर एनजीटी में रिपोर्ट भेज दी है।
एनजीटी में दायर रिट याचिका में आठ अक्टूबर 2025 को पारित आदेश के अनुपालन में जिलाधिकारी शामली द्वारा विस्तृत स्थिति रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल की गई है।
आदेश के क्रम में 23 दिसंबर 2025 को राजस्व विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीम ने अवशेष अतिक्रमित वन भूमि का स्थल निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान प्राप्त वास्तविक स्थिति से 28 दिसंबर 2025 को जिलाधिकारी को अवगत कराया गया। इस दौरान उप जिलाधिकारी कैराना व ऊन तथा तहसीलदार कैराना व ऊन उपस्थित रहे।
प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि वन विभाग द्वारा अब तक 1.0646 हेक्टेयर अतिक्रमित वन भूमि से कब्जा हटाया जा चुका है जबकि शेष भूमि पर विधिक कार्रवाई जारी है।
प्रशासनिक स्तर पर सम्यक विचार विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया कि शेष अतिक्रमण को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। इसके लिए वन विभाग राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं।
यह कार्रवाई बरनावी अकबरपुर सुनैहटी बीबीपुर हटिया दमेडी बुजुर्ग बीबीपुर जलालाबाद पावटी खुर्द और रतौंद गांवों में की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि जहां कहीं आबादी रास्ता अथवा धार्मिक स्थल दर्ज हैं वहां भारतीय वन अधिनियम 1927 के प्रावधानों के तहत विधिक कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया जाएगा।
जिलाधिकारी शामली ने एनजीटी को भेजी रिपोर्ट में लिखा है कि वन भूमि सार्वजनिक संपत्ति है और उसका संरक्षण शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। कार्रवाई पूरी होने के बाद वन भूमि का पुनः सीमांकन कराया जाएगा और भविष्य में दोबारा कब्जा न हो इसके लिए स्थायी निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी।
एनजीटी आदेश से लेकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
- आठ अक्टूबर 2025 एनजीटी का आदेश वन भूमि से अतिक्रमण हटाने और रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश
- 23 दिसंबर 2025 राजस्व विभाग और वन विभाग द्वारा संयुक्त स्थल निरीक्षण
- 28 दिसंबर 2025 निरीक्षण रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रस्तुत
- 29 दिसंबर 2025 जिलाधिकारी शामली द्वारा एनजीटी में रिपोर्ट भेजी गई
आगामी अतिक्रमण हटाओ अभियान की तिथियां
- पंद्रह से 17 जनवरी 2026 बरनावी
- 20 से 22 जनवरी 2026 अकबरपुर सुनैहटी
- 27 से 29 जनवरी 2026 बीबीपुर हटिया
- एक से तीन फरवरी 2026 दमेडी बुजुर्ग
- सात से नौ फरवरी 2026 बीबीपुर जलालाबाद
- 13 से 14 फरवरी 2026 पावटी खुर्द
- 18 से 20 फरवरी 2026

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