यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
SBI के ATM से निकले चूरन वाले नोट... जांच करने आई टीम ने चेक किया 22 लाख का कैश तो रह गई दंग
मिर्जापुर के एसबीआई एटीएम से पांच सौ के चूरन वाले नोट निकलने से हड़कंप मच गया। जांच करने पहुंची टीम ...और पढ़ें

HighLights
- जांच टीम ने परखी सत्यता, दो चूरन वाले नोट मिले
- जांच के बाद एटीएम में दोबारा ताला डलवा दिया गया
संवाद सूत्र, मिर्जापुर/शाहजहांपुर। एसबीआई के एटीएम में नकदी निकासी के दौरान पांच सौ के चूरन वाले नोट निकलने पर रविवार को जांच करने कलान पहुंची। जांच टीम को भी दो नोट चूरन वाले मिले। रविवार को एसबीआई टाउनहाल के कैश मैनेजर एवं रीजनल आफिस में तैनात उप प्रबंधक ईश्वर तलवार व शाखा प्रबंधक सुरेंद्र कुमार के साथ कस्बा इंचार्ज यशपाल सिंह ने एटीएम की जांच की। जांच के दौरान किसी को भी आसपास भटकने नहीं दिया गया। टीम ने मीडिया से भी दूरी बनाए रखी।
सीएमएस प्राइवेट कंपनी डालती है रुपये
जांच अधिकारी व रीजनल आफिस के प्रबंधक बताया कि जांच के दौरान एसबीआई एटीएम में कुल 22 लाख 10 हजार पांच सौ रुपये मिले। जिसमें दो नाेट सहीं नहीं मिले। उन्होंने बताया सीएमएस प्राइवेट कंपनी है जो एटीएम मशीनों में टाउनहाल से कैश लेकर मशीनों में भरती है। अन्य एटीएम की भी जांच की जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा। उसके विरुद्ध कार्रवाई कराई जाएगी। जांच के बाद एटीएम में दोबारा ताला डलवा दिया गया।
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महिला डॉक्टर से रंगदारी मांगने के मामले में दर्ज की रिपोर्ट
चौक इंस्पेक्टर को फटकार लगने के बाद महिला चिकित्सक के घर पथराव व 50 लाख रुपये रंगदारी मांगने के प्रकरण में प्राथमिकी पंजीकृत कर ली गई। इस प्रकरण में पथराव का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो चुका। चौक कोतवाली क्षेत्र के राधाकुंज कालोनी नवादा इंदेपुर निवासी डॉक्टर दीपिका अग्रवाल ने 15 मार्च को पुलिस को तहरीर दी थी। उन्होंने कुछ लोगों पर पथराव करने, 50 लाख रुपये रंगदारी मांगने का आरोप लगाया था।रुपये न मिलने पर बच्चों को जान से मारने की धमकी दी थी। पथराव का वीडियो प्रसारित होने के बाद भी पुलिस प्राथमिकी पंजीकृत नहीं कर रही थी।
महिला आयोग की सदस्य से की थी शिकायत
19 मार्च को राज्य महिला आयोग की सदस्य सुजीता कुमारी ने कलक्ट्रेट में जनसुनवाई की तो डा. दीपिका ने पुलिस की मनमानी की शिकायत की थी। आयोग की सदस्य ने इंस्पेक्टर को कॉल लगाकर न सिर्फ फटकार लगाई थी बल्कि तत्काल प्राथमिकी भी पंजीकृत करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद दो अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत कर ली गई। पुलिस प्रकरण की जांच कर रही है।
