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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Sambhal Violence: संभल में खुफिया अलर्ट के बाद पुल‍िस चौकन्नी, ADG और DIG ने मौलानाओं के साथ की बैठक

Published: Wed, 27 Nov 2024 11:45 AM (IST)

यूपी के संभल में खुफिया अलर्ट मिलने से पुलिस और प्रशासन दोनों चौकन्ने हैं। एक ओर जहां बरेली जोन के ...और पढ़ें

संभल में मंगलवार को जामा मस्जिद के पास पुलिस के साथ मौजूद एएसपी श्रीश्चंद्र तथा अमरोहा सीओ अरुण कुमार।- जागरण
संभल में मंगलवार को जामा मस्जिद के पास पुलिस के साथ मौजूद एएसपी श्रीश्चंद्र तथा अमरोहा सीओ अरुण कुमार।- जागरण

संवाद सहयोगी, संभल। शहर में शांति स्थापित करने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन खुफिया अलर्ट मिलने से पुलिस और प्रशासन दोनों चौकन्ने हैं। एक ओर जहां बरेली जोन के एडीजी रमित शर्मा और मुरादाबाद के डीआईजी मुनिराज भी जिले में रहकर लगातार निगरानी रख रहे है तो वहीं, शुक्रवार को जुमे की नमाज पर भीड़ के अंदेशे के साथ-साथ कुछ अलर्ट को लेकर पुलिस भी सक्रिय हो गई है।

मंगलवार की शाम को चंदौसी रोड स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में शहर के मौलानाओं के साथ तीनों अधिकारियों ने बैठक की, जिसमें एडीजी और डीआईजी के अलावा पुलिस अधीक्षक और दोनों अपर पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे।

शांति-व्यवस्था कायम रखने के लिए लोगों को समझाने की अपील

मौलाना से अपील की गई कि वह शहर में शांति-व्यवस्था कायम रखने के लिए लोगों को समझाएं और किसी भी अफवाह या भ्रामक बातों पर भरोसा न करते हुए प्रशासन का सहयोग करें, हालांकि इस दौरान कुछ मौलानाओं ने पुलिस के एक अधिकारी को लेकर विरोध भी जताया और कहा कि संभल तहसील में तैनात एक अधिकारी को ड्यूटी से अलग रखा जाएगा तो लोग विरोध नहीं करेंगे, भड़केंगे नहीं।

एडीजी ने उनसे अपील की कि अगर लोगों के द्वारा प्रशासन और पुलिस का सहयोग किया जाएगा तो निश्चित तौर पर सहयोग ही मिलेगा, निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई होगी जो भी तथ्य आएंगे। सामने उसी के आधार पर पुलिस अपनी जांच करेगी।

इसके अलावा मौलानाओं की ओर से यह भी कहा गया कि पुलिस घरों में छापेमारी और दबिश में थोड़ी शिथिलता बरतें, क्योंकि नगर का बाजार बंद होने से लोगों के बाहर चले जाने से कामकाज प्रभावित हो रहा है। इसके लिए पुलिस ने सहयोग का आश्वासन जरूर दिया है, लेकिन शांति में भी सहयोग की अपील की है। इसके अलावा जामा मस्जिद के सदर जफर अली और उनके कुछ अधिवक्ताओं के साथ भी अधिकारियों ने वार्ता की।

पत्थरबाजों को बख्शा नहीं जाएगा, कोई निर्दोष जेल नहीं जाएंगे

संवाद सहयोगी, बहजोई। अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर डीएम डा. राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई के द्वारा प्रेस वार्ता की गई, जिसमें उन्होंने बताया कि हिंसा के बाद तीसरा दिन शांतिपूर्ण रहा है। सभी बाजार खुलें हैं। व्यापारियों ने अपना कामकाज किया है लोग अपना कामकाज निपटा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि लोगों से लगातार बात चल रही है संभ्रांत लोगों से बात चल रही है, शांति की अपील की जा रही है। एसपी ने बताया कि अभी तक 27 लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जिसमें दो महिलाएं भी शामिल हैं कुछ किशोर भी हैं। जिन लोगों के द्वारा शांति व्यवस्था कायम रखने में सहयोग किया जाता है, संभ्रांत लोग हैं, उनसे लगातार वार्ता चल रही है। इंटरनेट बंद को लेकर उन्होंने बताया कि अभी भी अगले 24 घंटे के लिए इंटरनेट बंद करने का निर्णय लिया गया है, जिससे कि इंटरनेट मीडिया पर भ्रामक अफवाह प्रसारित न हो सके।

इसके अलावा एसपी ने बताया कि हिंसा में जिन चार लोगों की मृत्यु हुई है, उनके स्वजन के द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। यह रिपोर्ट अज्ञात लोगों पर हत्या के आरोप में दर्ज हुई है। जिसमें तीन रिपोर्ट कोतवाली संभल में और एक थाना नखासा में दर्ज कराई गई है। इसके लिए भी अच्छे विवेचकों को लगाया गया है।

सीसीटीवी के माध्यम से आरोपितों को चिन्हित किया जा रहा है। निर्दोष लोग जेल नहीं जाएंगे लेकिन जिन्होंने भी हाथ में पत्थर उठाया है, उनके विरुद्ध ठोस कार्रवाई होगी। यह घटना सुनियोजित थी या अचानक हुई यह कह पाना अभी संभव नहीं है, क्योंकि सभी तथ्यों पर जांच चल रही है। उसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जिन लोगों के द्वारा आग लगाई गई है, उन्हें चिन्हित किया जा रहा है, जिन गाड़ियों को नुकसान हुआ या जल गई है, उनका भी टेक्निकल मुआयना एआरटीओ के द्वारा कराया गया है। इस संबंध में धनराशि का आकलन करते हुए संबंधित से वसूली भी की जाएगी। 

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