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    डीएम की पहल: संभल श्री से पहचाने जाएंगे जिले के 50 परिषदीय विद्यालय

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 12:37 PM (IST)

    संभल में डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने शिक्षा को मिशन बनाकर परिषदीय विद्यालयों में बड़ा बदलाव लाया है। पहले संसाधनों की कमी और कम उपस्थिति वाले ये स्कू ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, बहजोई। शिक्षा किसी भी समाज की दिशा तय करती है और जब जिला प्रशासन का नेतृत्व इसे सर्वोच्च प्राथमिकता बनाकर जमीन पर उतारता है तो बदलाव केवल दिखता नहीं बल्कि महसूस भी होता है।

    जनपद संभल में पिछले 1.5 वर्ष के दौरान डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने शिक्षा को औपचारिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि सामाजिक दायित्व मानते हुए इसे मिशन के रूप में आगे बढ़ाया। उनके कार्यभार संभालने से पहले परिषदीय विद्यालय संसाधनों की कमी, कमजोर शैक्षिक वातावरण और घटती छात्र उपस्थिति से जूझ रहे थे और अभिभावकों का भरोसा निजी विद्यालयों की ओर खिसकता जा रहा था, लेकिन निरंतर निरीक्षण, नियमित समीक्षा और स्पष्ट दिशा के चलते शिक्षा व्यवस्था की तस्वीर बदलनी शुरू हुई।

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    पीएमश्री योजना के अंतर्गत चयनित 16 परिषदीय विद्यालयों को करोडों रुपये की लागत से विकसित कराया गया, जहां स्मार्ट कक्षाएं, आधुनिक फर्नीचर, कंप्यूटर और विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल सामग्री, स्वच्छ पेयजल, आकर्षक भवन, डिजिटल शिक्षण व्यवस्था और सुरक्षित शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराया गया।

    इसका परिणाम यह रहा कि जहां पहले छात्र उपस्थिति 30 से 40 प्रतिशत के आसपास रहती थी, वह बढकर 90 प्रतिशत से अधिक पहुंच गई और बडी संख्या में अभिभावकों ने निजी विद्यालयों से नाम कटवाकर बच्चों को परिषद विद्यालयों में प्रवेश दिलाया।

    शिक्षा में आए इस बदलाव को स्थायी और व्यापक स्वरूप देने के लिए पीएमश्री की ही तर्ज पर 144 परिषदीय विद्यालयों को संभलश्री माडल के अंतर्गत विकसित करने का कार्य शुरू कराया गया है, जिनमें से 50 विद्यालयों को संभलश्री के रूप में शीघ्र विकसित किया जाना है। इन विद्यालयों में भी वही सुविधाएं विकसित की जा रही हैं जो किसी प्रतिष्ठित कान्वेंट स्कूल की पहचान मानी जाती हैं।