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    यूपी की मदीना मस्जिद को खुद हथौड़े से तोड़ने लगे मुस्लिम लोग, बुलडोजर चलने की तारीख हो गई तय

    Updated: Sat, 03 Jan 2026 06:22 PM (IST)

    संभल के असमोली थाना क्षेत्र में ग्राम समाज की भूमि पर अवैध रूप से बनी मदीना मस्जिद को लेकर विवाद चल रहा था। प्रशासनिक ध्वस्तीकरण से एक दिन पहले ही मुस ...और पढ़ें

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    संवाद सहयोगी, संभल। असमोली थाना क्षेत्र में ग्राम समाज की भूमि पर अवैध रूप से बनी मदीना मस्जिद को प्रशासनिक कार्रवाई से पहले ही मुस्लिम समाज के लोगों ने स्वयं सुरक्षित तरीके से तोड़ना शुरू कर दिया है। हथौड़ों से दीवारें हटाई जा रही हैं और लोहे-लकड़ी के दरवाजे समेत अन्य सामान निकालकर नुकसान कम करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि रविवार को मस्जिद पर बुलडोजर चलना तय है।

    असमोली थाना क्षेत्र के गांव सलेमपुर सालार उर्फ हाजीपुर में गाटा संख्या 641 की नवीन पर्ती भूमि पर बनी मदीना मस्जिद को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। राजस्व अभिलेखों के अनुसार यह भूमि ग्राम समाज की है, जिसका कुल रकबा 439 वर्ग मीटर बताया गया है। इसी भूमि पर बिना अनुमति पक्का निर्माण कर मस्जिद खड़ी की गई थी।

    मामले में 28 दिसंबर को नायब तहसीलदार बबलू कुमार के नेतृत्व में एक राजस्व टीम गठित की गई थी, जिसमें अरविंद कुमार सिंह और दीपक कुमार जुरैल समेत लेखपाल शामिल थे। जांच के बाद हाजी शमीम के खिलाफ बेदखली के आदेश जारी किए गए। साथ ही सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने के आरोप में उन पर 8.78 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

    प्रशासन द्वारा चार जनवरी 2026 को मस्जिद को ध्वस्त किए जाने की कार्रवाई तय की गई थी। इससे एक दिन पहले ही मुस्लिम समाज के लोगों ने स्वयं आगे बढ़ते हुए ढांचे को हटाना शुरू कर दिया। शनिवार को मौके पर हथौड़ों से दीवारें तोड़ने और ईंटे निकालने का कार्य चलता रहा।

    वे चाहते हैं कि ध्वस्तीकरण के दौरान ज्यादा नुकसान न हो, इसलिए लोहे के गेट, लकड़ी के दरवाजे, खिड़कियां और अन्य उपयोगी सामान पहले ही हटा लिया गया है। हालांकि भले ही लोगों ने स्वयं तोड़ने का काम शुरू कर दिया हो, लेकिन प्रशासनिक टीम रविवार को भी मौके पर जाएगी। निर्धारित कार्रवाई के लिए दो नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को बुलडोजर और ट्रैक्टर-ट्राली के साथ मौके पर मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं।

    लेखपाल द्वारा 14 जून 2018 को अवैध निर्माण की रिपोर्ट दी गई थी। इसी आधार पर तहसीलदार न्यायालय में ग्राम सभा बनाम हाजी शमीम मुतव्वली के नाम से विधिवत वाद दर्ज कर सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत तथ्यों, दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि निर्माण पूरी तरह अवैध है। -धीरेंद्र सिंह, तहसीलदार, संभल