संभल में केंद्रों पर पुष्टाहार वितरण में सख्ती, 18 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर लटकी कार्रवाई की तलवार
संभल में आंगनबाड़ी केंद्रों पर पुष्टाहार वितरण में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। 50 से अधिक केंद्रों पर अनियमितताओं की शिकायत के बाद 18 आंगन ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, संभल। एकीकृत बाल विकास विभाग अर्थात आइसीडीएस के अंतर्गत जनपद के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर पुष्टाहार वितरण को लेकर अब किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनपद में वर्तमान में कुल 1772 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जहां गर्भवती, धात्री महिलाओं और बच्चों को नियमित रूप से पोषण सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। दरअसल, जनपद में 5787 अति कुपोषित बच्चे और 732 गंभीर कुपोषित बच्चे चिन्हित किए गए हैं, जिन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
इन बच्चों के लिए घर-घर भ्रमण कर पोषण की स्थिति का आकलन किया जाता है और आवश्यकता के अनुसार पोषण पुनर्वास केंद्रों के माध्यम से उन्हें सुपोषित करने का कार्य भी किया जा रहा है।
व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जनपद में 1640 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 1281 आंगनबाड़ी सहायिकाएं तैनात हैं।
विभागीय जांच में 50 से अधिक केंद्रों पर पुष्टाहार वितरण में अनियमितताएं की शिकायतें सामने आने के बाद 18 से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर आरोप तय कर कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई है।
खास बात यह है कि अब पोषण ट्रैकर एप पर फीड होने वाले प्रत्येक डाटा की नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि पंजीकृत लाभार्थियों को वास्तविक रूप से पुष्टाहार मिल रहा है या नहीं, इसका सत्यापन किया जा सके।
जिन केंद्रों पर पंजीकरण के बावजूद डाटा एप्लीकेशन पर फीड नहीं किया जा रहा है, उन्हें भी गंभीर लापरवाही मानते हुए कार्रवाई की जा रही है। दिसंबर 2025 में जितने भी गर्भवती, धात्री महिलाओं और बच्चों का पंजीकरण हुआ है, उन्हें अगले महीने से अनिवार्य रूप से पुष्टाहार उपलब्ध कराया जाएगा।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर पारदर्शी और मानक के अनुरूप पुष्टाहार वितरण विभाग की प्राथमिकता है। पोषण ट्रैकर एप के माध्यम से हर लाभार्थी की निगरानी की जा रही है। जहां भी अनियमितता या फर्जी डाटा फीडिंग की शिकायत मिली है, वहां जांच कराई गई है और दोषियों पर कार्रवाई की जा रही है। आगे भी निरीक्षण और अभियान जारी रहेंगे, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी पोषण से वंचित न रहे।
महेश कुमार, डीपीओ, आइसीडीएस, संभल।

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