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    Sambhal Story: मस्जिद सर्वे, हिंसा और मंदिरों के मिलने तक... एक महीने में कितना बदल गया संभल?

    संभल में तीर्थ नगरी का कायाकल्प तेज़ी से जारी है। प्राचीन मंदिर कूप और बावड़ियों की खोज और पुनर्जीवित करने का कार्य हो रहा है। 24 नवंबर से अब तक 12 कूप पुनर्जीवित और दो प्राचीन मंदिर फिर से खुलवाए गए। 27 दिसंबर को जामा मस्जिद के पास पुलिस चौकी का निर्माण शुरू हुआ। साथ ही ऐतिहासिक स्थलों का सुंदरीकरण और अतिक्रमण हटाने के प्रयास जारी हैं।

    By Om Prakash Shankhdhar Edited By: Aysha Sheikh Updated: Sat, 28 Dec 2024 09:52 PM (IST)
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    एक महीने कितना बदल गया संभल ?

    जागरण संवाददाता, संभल। मात्र एक महीने में ही तीर्थ नगरी संभल काफी बदल गया है। विलुप्त हो चुके या होने के कगार पर पहुंचे कई प्राचीन थीर्थ व कूप के साथ ही दो बावड़ी का अस्तित्व भी सामने आ गया। दशकों से बंद मंदिरों में पूजा पाठ शुरू हो गया।

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    नई पुलिस चौकी का निर्माण कार्य भी शुरू हुआ है। तेज गति से तीर्थों की तलाश और उनके सुंदरीकरण के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस व प्रशासन हर दिन कुछ न कुछ नया तलाश कर उस पर काम करा रहा है। इतिहास खंगालने का क्रम अभी जारी है।

    24 नवंबर 

    बीते 24 नवंबर को जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान भड़की हिंसा के बाद स्थित सामान्य होते ही बिजली चेकिंग का बड़ा अभियान चलाया गया। इसमें एक 46 साल से बंद पड़ा मंदिर तो दूसरा 32 साल से बंद मंदिर खुलवाया गया। प्राचीन तीर्थ और कूपों की तलाश की गई तो अब तक एक दर्जन से अधिक कूपों को पुनर्जीवित करने का काम शुरू किया गया।

    संभल और चंदौसी में बावड़ी की खोज कर खोदाई कराई गई इनका अस्तित्व सामने आ गया। आलम सराय स्थित चतुर्मुख कूप, हल्लू सराय स्थित अशोक कूप, मुहल्ला कोटपूर्वी स्थित हनषीकेश कूप, अकर्म मोचन कूप, मृत्यु कूप, रसोदक कूप, विमल कूप, प्राचीन कल्कि विष्णु मंदिर स्थित कृष्ण कूप, विष्णु कूप, धरणीवाहर कूप, दुर्गा कालोनी स्थित धर्म कूप, जामा मस्जिद के पीछे मुहल्ला कोटगर्वी स्थित यज कूप, परासर कूप की खोज हो चुकी है।

    हालांकि जमदग्नि कूप, पंचाग्नि कूप, बलि कूप, वायु कूप, शौनक कूप और सप्तसागर कूप की खोज जारी है। इसके अलावा 16 अन्य कुएं खोजे गए हैं। सभी कूपों और कुओं को संरक्षित करके उन्हें जल संचयन के लिए तैयार किया जा रहा है।

    14 दिसंबर 

    वहीं 14 दिसंबर को खग्गू सराय में 46 वर्षों से बंद प्राचीन मंदिर और कुएं को खोजा गया। हौज भदेसराय में भद्राश्रम तीर्थ जाग्रत हुआ। प्रशासन उसके सुंदरीकरण में लगा है। सरायतरीन स्थित मुहल्ला कश्यवान में 17 दिसंबर को राधा कृष्ण का मंदिर भी मुस्लिम आबादी में होने के चलते वर्षों बाद खोला गया। फिरोजपुर स्थित एएसआई संरक्षित फिरोजपुर किले के आसपास अतिक्रमण हटाया गया।

    27 दिसंबर

    इसके अलावा 27 दिसंबर को जामा मस्जिद के सामने चौकी का निर्माण शुरू करा दिया गया है। एएसआइ की टीमें लगातार प्राचीन स्थलों पर जाकर उनकी ऐतिहासिक की परख कर रही हैं। इसके साथ ही दसवां घाट एवं महामृत्युंजय तीर्थ के कायाकल्प का भी प्रयास शुरू हो गया है।

    दूसरी ओर देखें तो अतिक्रमण अभियान के तहत चंदौसी शहर का नक्शा ही बदल गया। सैकड़ों की संख्या में रोड किनारे नालों पर बनी दंकासनों को तोड़ दिया गया। कई मकान भी ध्वस्त करा दिए गए। चंदौसी का तहसील चौराहे के सुंदरीकरण का काम भी शुरू हो गया। संभल के जिन मुहल्लों में बिजली विभाग की टीमें जाने से डरतीं थीं, वहां सैकड़ों घरों में और आधा दर्जन मस्जिदों के साथ ही सांसद के घर में भी बिजली चोरी पेड़ी गई। करोड़ों रुपये का जुर्माना डाला गया।