जज की गाड़ी पर गिरा जर्जर सरकारी भवन का मलबा, यहां 8 साल से खस्ताहाल भवन में चल रहा न्यायालय
गुन्नौर तहसील परिसर में स्थित एक जर्जर सरकारी भवन का मलबा सिविल जज डॉ. नाजिम अकबर की कार पर गिर गया, जिससे कार क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि कोई हता ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, गुन्नौर (संभल)। तहसील परिसर गुन्नौर में स्थित न्यायालय के जर्जर भवन का मलबा सिविल जज की कार पर गिर गया। गनीमत रही कि उस दौरान वहां पर कोई मौजूद नहीं था, सिर्फ कार क्षतिग्रस्त हुई है। अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। इस भवन में रोजाना 200 से ढ़ाई सौ लोगों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसी स्थिति में खतरा अभी भी बरकरार बना हुआ है। क्योंकि इस भवन में न सिर्फ न्यायालय संचालित है बल्कि पुलिस क्षेत्राधिकारी का दफ्तर भी संचालित है।
बता दें कि यह भवन राजस्व विभाग का है और जर्जर हालत में है। 2017 में यहां एसडीएम कोर्ट चलता था लेकिन, नया भवन मिलने के बाद एसडीएम कोर्ट यहां से शिफ्ट हो गया। फिर बार के एक रूम में चलने वाला न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट/सिविल जज जुनियर डिवीजन को इस जर्जर भवन में लाया गया। भवन लगभग 50 साल पुराना बताया गया है।
इसी भवन में सीओ का दफ्तर भी संचालित है। शनिवार को सिविल जज डा. नाजिम अकबर की कार परिसर के बाहर खड़ी थी कि तभी भवन का मलबा भरभरा गिर गया। जिसकी वजह से पूरी कार क्षतिग्रस्त हो गई। खास बात यह है कि के कमरे भी जर्जर हैं। लेंटर के सरिये दिख रहे हैं। ऐसी स्थिति में वहां लोग बैठकर सरकारी कामकाज निपटाते हैं। इतना ही नहीं, इस भवन में फरियादी भी पहुंचते हैं।
सुबह से शाम तक 200 से ढ़ाई सौ लोगों का आना-जाना लगा रहता है। कोई न्यायालय में आता है तो कोई सीओ दफ्तर में फरियादी लेकर पहुंचता है। इसके अलावा तहसील में आने वाले लोग भी भवन के इर्द-गिर्द खड़े रहते हैं। अधिवक्ता श्योराज ने बताया कि भवन दशकों पुराना है। कई बार इस भवन को लेकर मांग भी उठाई है। मगर, अभी तक इस भवन की मरम्मत नहीं हो पाई है। जबकि मरम्मत होना बेहद जरूरी है। क्योंकि ऐसे में खतरा बरकरार बना हुआ है।
भवन का मलबा गिरने का मामला संज्ञान में आया है। नए भवन के लिए निर्माण हेतु जमीन तलाशने की प्रक्रिया चल रही है, प्रस्ताव भेज दिया गया है जल्द ही नए भवन में शिफ्ट कराया जाएगा।- अवधेश कुमार वर्मा, एसडीएम, गुन्नौर।

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