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    बाजार में उड़ाई जा रही नियमों की धज्जियां

    By JagranEdited By:
    Updated: Fri, 30 Apr 2021 07:15 PM (IST)

    रामपुर मनिहारान में कोरोना आपदा को लेकर रामपुर क्षेत्र में जैसे-जैसे मौत के आंकड़े बढ़े प्रशासन भले ही जागरूक नहीं हुआ हो लेकिन लोग अपने कदमों को अपने ...और पढ़ें

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    बाजार में उड़ाई जा रही नियमों की धज्जियां

    सहारनपुर, जेएनएन। रामपुर मनिहारान में कोरोना आपदा को लेकर रामपुर क्षेत्र में जैसे-जैसे मौत के आंकड़े बढ़े, प्रशासन भले ही जागरूक नहीं हुआ हो, लेकिन लोग अपने कदमों को अपने घरों में ही रोक रहे हैं। बावजूद इसके बाजारों में उमड़ी है, लेकिन शारीरिक दूरी की धज्जियां उड़ाई जा रही है।

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    पिछले एक सप्ताह मे पच्चीस से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। बावजूद इसके बाजारों में भीड़ बढ़ी है न ही किसी शारीरिक दूरी का पालन किया जा रहा है।

    आलम यह है कि इस बार जनाजे व अर्थियां खूब उठ रही हैं। एक ही मोहल्ले से दो-दो, तीन-तीन अर्थी उठने के बाद भी प्रशासन खामोश है।

    कारागार में कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन कराया जाए: हृषिकेश पांडेय

    सहारनपुर : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व सिविल जज (एसडी) हृषिकेश पांडेय ने बाल सम्प्रेषण गृह गौतमबुद्धनगर नोएडा व जिला कारागार सहारनपुर के वर्चुअल निरीक्षण के दौरान भोजन, खान पान, साफ-सफाई तथा कोविड-19 के नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने किशोरों अपचारियों से रहने, खाने, व साफ सफाई के बारे में पूछा। किसी भी किशोर अपचारी ने कोई समस्या उन्हें नहीं बताई।

    जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष-जनपद न्यायाधीश अश्विनी कुमार त्रिपाठी के मार्गदर्शन में सचिव हृषिकेश पांडेय ने बाल सम्प्रेषण गृह के केयर टेकर राजेन्द्र कुमार यादव को निर्देशित किया कि वह कोविड-19 महामारी के बचाव के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी की गई गाइड लाइन का पालन कराना सुनिश्चित करे।

    उन्होने बाल सम्प्रेषण गृह में रह रहे किशोर अपचारियों (जुनाइल) को शिक्षा प्राप्ति पर विशेष जोर दिया। हृषिकेश पांडेय ने सम्प्रेषण गृह के अधीक्षक को बाल सम्प्रेषण गृह गौतमबुद्वनगर नोएडा में सहारनपुर के कुल 11 किशोर अपचारियों का मार्गदर्शन करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान डिप्टी जेलर हिमांशु रोतेला ने बताया कि जो बन्दी कारागार में न्यायालय के आदेश से आते है उन्हे सीधे स्थायी कारागार में न रखकर अस्थायी जेल में रखा जाता है तथा उनका कोविड-19 टेस्ट कराया जाता है जो बन्दी संक्रमित पाये जाते है उनका इलाज कराया जाता है।