जैविक खाद का लालच देकर पांच सौ किसानों से करोड़ों की ठगी, सहारनपुर में दो गिरफ्तार, सरगना बोला-नौकरी नहीं मिली तो...
Saharanpur News सहारनपुर में जैविक खाद के नाम पर किसानों से करोड़ों की ठगी करने वाले दो आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपितों के पास से 15 लाख की नकदी लैपटाप और अन्य सामान बरामद हुआ है। जय एग्रो बायोसाइंस प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी खोलकर किसानों को जैविक खाद के नाम पर ठगा गया।

जागरण संवाददाता, सहारनपुर। पुलिस ने जैविक खाद का लालच देकर किसानों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया। आरोपितों के कब्जे से 15 लाख की नकदी, लैपटाप, चेकबुक, एटीएम कार्ड, कंपनी के नाम की एक मुहर, कार आदि बरामद किए हैं।
वर्ष 2023 में कंपनी का रजिस्ट्रेशन कराया
पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि तीन साथियों के साथ मिलकर वर्ष 2023 में जय एग्रो बायो नाम से कंपनी का रजिस्ट्रेशन कराया था। इसमें खेती की जैविक कीटनाशक दवाई बेचते थे। उसके बाद जनवरी 2024 में आरोपितों ने जय एग्रो बायोसाइंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी न्यू आवास विकास में खोली थी। इस कंपनी का रजिस्ट्रेशन संजीव और सुशील के नाम कराया गया था।
कंपनी ने किसानों को दिया लालच
कंपनी द्वारा किसानों को लालच दिया जाता था कि कंपनी ढाई लाख की यूनिट जैविक खाद लगाएगी। 25 बैड खाद के खेत में लगाएंगे। 25 महीने तक हर महीने 20 हजार रुपये मिलते रहेंगे। इस तरह जैविक खाद के नाम पर लोगों से रकम ऐंठते थे। एक महीने में करीब 50 लाख की रकम ठगी। वेबसाइट पर सहारनपुर के करीब 1300 लोगों का रजिस्ट्रेशन कराया गया है। पांच सौ से अधिक किसानों से करोड़ों रुपये की ठगी की है।
पुलिस लाइन स्थित सभागार में एसपी देहात सागर जैन ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि नकुड़ थानाक्षेत्र के रणदेवा निवासी भंवर सिंह उर्फ सूरज पुत्र महीपाल सिंह और सरसावा थानाक्षेत्र के रहने वाले अमित धीमान पुत्र बाबूराम को गिरफ्तार किया है। आरोपित किसानों से जैविक खाद के नाम पर धोखाधड़ी करते थे। वह लोगों को बताते थे कि ढाई लाख की यूनिट के आधार पर किसान कितनी भी यूनिट लगवा सकते हैं। इसके लिए आरोपितों ने वेबसाइट बनाई थी।
वेबसाइट पर करीब 1300 लोगों का रजिस्ट्रेशन
वेबसाइट पर करीब 1300 लोगों का रजिस्ट्रेशन भी कराया गया। आरोपित जैविक खाद की यूनिट लगाने के नाम पर रुपये लेते थे। जब किसान पैसे मांगते थे तो उन्हें फर्जी कागजात बनाकर दे देते थे। आरोपितों ने दो-तीन किसानों के खेत में आरोपित बैड लगा देते थे। जिससे किसानों को पूरा विश्वास हो जाता था।
बताते हैं कि आरोपितों ने इस तरह करीब एक माह में पचास लाख रुपये की धोखाधड़ी की। रकम को आरोपित जय एग्रो कंपनी बायो साइंस पाइवेट लिमिटेड के बैंक खाते और कुछ किसानों से नकद भी लेते थे। आरोपित लोगों से प्रोजेक्ट के नाम पर ढाई लाख से 80 लाख रुपये तक लेते थे। बाद में किसानों को बोल देते थे कि अभी प्रोजेक्ट में कुछ दिक्कत हो रही है।
किसान को देते थे फर्जी चेक
इसके बाद किसान को फर्जी चेक दे देते थे। आरोपितों ने मोटी रकम ठगने के बाद ग्रीन एग्रो आर्गेनिक मैनयुर व एक कंपनी गोम फार्मिंग प्राइवेट लिमिटेड जलालाबाद और देहरादून और सहारनपुर में आरोपित भंवर सिंह ने ए-टू-जेड के नाम से खोली। इन रुपयों से आरोपितों ने सहारनपुर में काफी संपत्ति खरीदी है। जिसको पुलिस कुर्क करने की तैयारी में जुटी है।
नौकरी नहीं मिली तो तैयार की योजना
गिरोह का मुख्य सरगना भंवर सिंह है। नौकरी नहीं मिली तो आरोपित ने योजना बनाकर किसानों को ठगना शुरू किया। करोड़ों की रकम ठगने के बाद काफी प्रापर्टी भी खरीदी। रकम की कमी नहीं थी। लोगों का ग्रुप बनाकर लोगों को 25 महीने में दो गुनी रकम का लालच भी देते थे। आनलाइन ट्रेडिंग के लिए वेबसाइट भी बनाई। विदेशों में भी संपर्क किया गया। आरोपितों पर अलग-अलग थानों में करीब छह मुकदमे दर्ज है।
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