जानलेवा चाइनीज मांझा! मांझे में उलझकर कट गया था चील का पंख, हो गई गंभीर घायल... यूं मिला जीवनदान
सहारनपुर के धोबीघाट स्थित प्रणामी मंदिर के पास चाइनीज मांझे से घायल एक चील को पक्षी प्रेमियों ने बचाया। समाजसेवी राकेश पुंडीर ने घायल चील का इलाज चिकि ...और पढ़ें

घायल अवस्था में पड़ा चील पक्षी व उसे संभालता पक्षी प्रेमी। सौ. स्वयं
संवाद सूत्र, जागरण, सड़क दूधली (सहारनपुर)। प्रणामी मंदिर धोबी घाट पर घायल चील को पक्षी प्रेमियों ने चिकित्सक बुलाकर इलाज कराया। इसके बाद वन विभाग के हवाले कर दिया।
शनिवार को धोबीघाट स्थित प्रणामी मंदिर के पास दो युवकों को घायलावस्था में चील पड़ी मिली, जिसका पंख चाइनीज मांझे से कट गया था। इस वजह से चील उड़ नहीं पा रही थी। इसी बीच पीकी निवासी समाजसेवी राकेश पुंडीर वहां पहुंचे तथा वह चील को लेकर पक्षियों के चिकित्सक के पास ले गए। चिकित्सक ने चील की मरहम पट्टी कर दवा दी। इसके बाद उन्होंने सीडीओ सुमित राजेश महाजन को घायल पक्षी के बारे में जानकारी दी।
सीडीओ ने डीएफओ को सूचित किया, जिस पर वन विभाग के कर्मचारी चील को कैलाशपुर स्थित वन विभाग के पक्षी चिकित्सालय ले गए जहां उसका इलाज चल रहा है। राकेश पुंडीर ने बताया कि सीडीओ की तत्परता व पशु प्रेमियों की कोशिश से चील को जीवनदान मिल गया है।
उन्होंने बताया कि शनिवार को ही दो चील साईं मंदिर के निकट चाइनीज मांझे में उलझकर घायल हो गई थी उनको भी वन विभाग को सौंप दिया गया है। राकेश पुंडीर ने जनहित व पक्षी हित के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से चाइनीज मांझे पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाए जाने की मांग की है।

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