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    देवबंद की मुस्लिम आबादी में 1992 से बंद शिव मंदिर में सुनाई दी मंत्रों की गूंज, हवन-पूजन से किया जागृत

    Updated: Mon, 10 Mar 2025 10:37 AM (IST)

    Saharanpur News देवबंद के मुस्लिम बहुल इलाके में दशकों से बंद पड़े शिव मंदिर को योग साधना आश्रम बघरा मुजफ्फरनगर के पीठाधीश्वर यशवीर महाराज ने हवन-पूजन कर जागृत किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1992 के दंगे में हिंदू समाज को यहां से पलायन करना पड़ा था और तब से इस मंदिर में पूजा नहीं हो रही थी। अब निरंतर इसमें पूजा -अर्चना होती रहेगी।

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    मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र बैरून कोटला में स्थित वह मंदिर, जिसे जागृत किया गया है। जागरण

    जागरण संवाददाता, देवबंद (सहारनपुर)। देवबंद में मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में रविवार को मंत्रों की गूंज सुनाई दी। मोहल्ला बैरून कोटला में दशकों से बंद पड़े शिव मंदिर में योग साधना आश्रम बघरा मुजफ्फरनगर के पीठाधीश्वर यशवीर महाराज ने हवन-पूजन कर जागृत किया।

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    यशवीर महाराज ने कहा, कि वर्ष 1992 के दंगे में हिंदू समाज को यहां से पलायन करना पड़ा था और तब से इस मंदिर में पूजा नहीं हो रही थी। अब निरंतर इसमें पूजा -अर्चना होती रहेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी से इस मंदिर का जीर्णोद्धार कराने की मांग की। यशवीर महाराज ने 20 फरवरी को यशवीर महाराज ने वीडियो बयान जारी कर बैरून कोटला में बंद पड़े प्राचीन शिव मंदिर में नौ मार्च को हवन करने की घोषणा की थी। रविवार को पूजा अर्चना के दाैरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे।

    यशवीर महाराज सुबह 11 बजे देवबंद पहुंचे और अपने शिष्यों के साथ मोहल्ला बैरून कोटला स्थित खंडहर में तब्दील हो चुके मंदिर को खोला। इसके बाद मंदिर के आंगन में हवन-पूजन और मंत्रोच्चार किया गया। कार्यक्रम के यजमान मोनू सैनी रहे। हवन के बाद भगवान शिव, भगवान गणेश व लक्ष्मी की मूर्तियों को मंदिर में रखवाया गया और मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज लगाया गया। इस अवसर पर खीर का प्रसाद वितरित कर हिंदू समाज के लोगों से मंदिर में आकर पूजा-अर्चना करते रहने की आह्वान किया गया।

    मंदिर में पूजा करते यशवीर महाराज व अन्य।

    ये रहे मौजूद

    इस मौके पर आचार्य मृगेंद्र, ठा. सुरेंद्रपाल सिंह, आदित्य राणा, अमन ठाकुर, प्रताप पुंडीर, अमन पारचा, राहुल धीमान, रवि चौधरी, हरिओम सोम, गौतम प्रधान आदि मौजूद रहे। स्वामी यशवीर दो घंटे रहने के बाद देवबंद से रवाना हो गए। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।

    मंदिर के रास्ते पर पुलिस रही मौजूद।

    एसडीएम युवराज सिंह, सीओ रविकांत पाराशर और कोतवाली प्रभारी बीनू सिंह मौके पर ही डटे रहे। खुफिया विभाग के अधिकारी पल पल की जानकारी जुटाते रहे।

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    20 फरवरी को यशवीर महाराज ने की थी घोषणा

    बीती 20 फरवरी को यशवीर महाराज ने वीडियो बयान जारी करते हुए कहा था कि काफी समय पहले बैरून कोटला मोहल्ले में रहने वाले सैनी समाज के लोगों को मुस्लिमों ने यहां से पलायन करने पर मजबूर कर दिया था। उसके बाद यहां स्थित शिव मंदिर खंडहर में तब्दील हो गया। मंदिर को जागृत करने के लिए उन्होंने नौ मार्च को देवबंद पहुंचने की घोषणा की थी। मामला चर्चा में आने के बाद सैनी समाज के कुछ लोगों ने अपनी मर्जी से उक्त मोहल्ले से चले जाने की बात कही थी।

    वहीं भागीरथी शिव मंदिर सेवा समिति ने 20 साल पहले इस मंदिर से मूर्तियां हटाकर इंदिरा विहार कॉलोनी स्थित मंदिर में स्थापित करा दी थी। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में बाहरी लोगों का हस्तक्षेप रोकने की मांग भी की थी।