मनोज सिघल फिर बने नगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष
देवबंद क्षेत्र के व्यापारियों के अग्रणी संगठन नगर उद्योग व्यापार मंडल की सलाहकार समिति ने सर्वसम्मति से पुन मनोज सिघल को आगामी तीन सालों के लिए नगर अध ...और पढ़ें

सहारनपुर, जेएनएन। देवबंद क्षेत्र के व्यापारियों के अग्रणी संगठन नगर उद्योग व्यापार मंडल की सलाहकार समिति ने सर्वसम्मति से पुन: मनोज सिघल को आगामी तीन सालों के लिए नगर अध्यक्ष चुना है। व्यापारियों ने मनोज सिघल को मुबारकबाद देते हुए उनका माल्यार्पण कर स्वागत किया।
शनिवार को मोहल्ला कानूनगोयान स्थित कार्यालय पर हुई उद्योग व्यापार मंडल की सलाहकार समिति की बैठक में व्यापारी सुभाष मित्तल ने कहा कि मनोज सिघल ने अपने पिछले कार्यकाल में हर तरह से व्यापारी हित के लिए कार्य किया है। विशेष रूप से कोरोना काल में जिस लगन और परिश्रम के साथ मनोज सिघल ने व्यापारियों के लिए सघंर्ष किया और उनकी समस्याओं का समाधान कराया वह प्रशंसनीय है। व्यापारी प्रदीप बंसल ने कहा कि मनोज सिघल व्यापारियों के प्रति समर्पण भाव से कार्य करते आ रहे हैं। मनोज सिघल ने कहा कि व्यापारियों ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है उसका वह पूरी ईमानदारी और कर्तव्य निष्ठा के साथ निर्वहन करेगें। अध्यक्षता सुभाष मित्तल व संचालन विनीत जैन ने किया। इसहाक बाले खंा, श्रवण सिघल, राजेश गुप्ता, आशुतोष गुप्ता, हरेंद्र गुगलानी, अजय बंसल सर्राफ, इलियास कुरैशी, राजीव गुप्ता आदि मौजूद रहे।
बीमारी से हो चुकी 40 पशुओं की मौत
सरसावा: विकास खंड क्षेत्र के यमुना नदी किनारे बसे गांव कुतुबपुर में खुरपका, मुंहपका सीबीपीपी बीमारी से अब तक पशुपालकों के 40 पशुओं से अधिक की मृत्यु हो चुकी है। संक्रामक बीमारी की रोक थाम उपचार के लिए गांव की पशु चिकित्सकों की टीम करीब ढाई सौ से अधिक पशुओं की जांच कर उनका वैक्सीनेशन किया। शनिवार को डा. अखिलेश कुमार के नेतृत्व में डा. हरचरण सिंह, नवीन कुमार आदि के साथ डाक्टर की टीम गांव में पहुंची। मौके पर मौजूद सभी पशुओं के बारे में भाजपा मंडल अध्यक्ष सरसावा देहात अमरीश राणा ने पशुओं में हो रही बीमारी व मौत के बारे मे अवगत कराते समुचित उपचार के लिए कहा। डा. अखिलेश कुमार के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने गांव के लगभग 260 पशुओं की जांच की और उनका वैक्सीनेशन, इलाज किया। इस मौके पर संजू प्रधान, ओमप्रकाश शर्मा, बिरज राणा, बबरी सिंह, शोसिंह, बलदीप, बबलू आदि ने कहा कि यदि समय पर पशुओं का वैक्सीनेशन हो जाता तो शायद उनके पशुओं की मौत नहीं होती।

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