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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यूपी में एक और एनकाउंटर, एक लाख का इनामी पशु तस्कर जुबैर ढेर; दारोगा समेत दो पुलिसकर्मी घायल

Published: Fri, 26 Sep 2025 11:32 PM (IST)Updated: Fri, 26 Sep 2025 11:43 PM (IST)

रामपुर में पुलिस मुठभेड़ में कुख्यात गोतस्कर जुबैर मारा गया जिस पर गोरखपुर पुलिस ने एक लाख का इनाम रखा ...और पढ़ें

मुठभेड़ की घटना के बाद जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर तैनात पुलिस फोर्स।- जागरण
मुठभेड़ की घटना के बाद जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर तैनात पुलिस फोर्स।- जागरण

जागरण संवाददता, रामपुर। गोरखपुर में नीट के छात्र दीपक गुप्ता की हत्या में फरार गो तस्कर जुबैर को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया। उस पर एक लाख रुपये का इनाम था। वह मूल रूप से रामपुर के ही शहर काेतवाली क्षेत्र का रहने वाला था और आठ साल से पशु तस्करी के धंधे में लिप्त था। इस मुठभेड़ में उप निरीक्षक और सिपाही भी घायल हुए हैं। पुलिस अधीक्षक विद्यासागर मिश्र समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।

मुठभेड़ में मारा गया पशु तस्कर मुहल्ला घेर मर्दान खां का जुबैर कालिया था। कम उम्र में ही वह इस धंधे में उतर गया और तेजी से आगे बढ़ता गया। उसका नेटवर्क कई शहरों में फैल चुका था। 15 सितंबर को वह अपने साथियों के मदद से गोरखपुर के पिपराइच क्षेत्र में पशुओं को वाहनों में लाद रहे थे। इस दौरान वहां जाग हो गई। लोगों ने पीछा किया।

पशु तस्करों के पीछे गए नीट की तैयारी कर रहे छात्र दीपक गुप्ता का अपहरण कर गाड़ी में डालकर ले गए थे। बाद में उसकी हत्या कर शव फेंक दिया था। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने जमकर बवाल किया था। गो तस्करों की गाड़ी को फूंक दिया था और पुलिस पर भी पथराव किया था। पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। मुख्यमंत्री ने घटना का संज्ञान लेते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तस्करों की धरपकड़ के लिए एसटीएफ को लगाया गया है।

गोरखपुर पुलिस ने इस मामले में 12 अज्ञात के खिलाफ अपहरण व हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस को जांच से पता चला है कि आरोपितों में एक गो तस्कर रामपुर जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र के मुहल्ला घेर मर्दान खां का जुबैर कालिया पुत्र फिरासत भी शामिल है। गोरखपुर पुलिस के अलावा एसटीएफ और रामपुर पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम भी रखा गया। शुक्रवार देर रात पुलिस को जुबैर के रामपुर में होने की सूचना मिली। पुलिस ने उसकी धरपकड़ के लिए जाल बिछाया।

चाकू चौराहा से मंडी समिति जाने वाले रास्ते पर उसे घेर लिया। उसने पुलिस को देख तमंचे से फायरिंग कर दी। पुलिस ने भी जवाब में गोलियां चलाईं। पुलिस की गोली लगने से वह घायल होकर गिर गया। उसके द्वारा चलाई गोली से शहर कोतवाली की पीला तालाब चौकी के प्रभारी राहुल जादौन और सिपाही संदीप कुमार भी घायल हो गए। सभी घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया, जहां जुबैर को पुलिस ने मृत घोषित कर दिया।

बलरामपुर में सिपाही को भी घायल कर फरार हुआ था जुबैर पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुए जुबैर के खिलाफ करीब 18 मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ जिले के शहर कोतवाली, गंज कोतवाली, मिलक कोतवाली, केमरी थाना में पशु क्रूरता अधिनियम, गोहत्या निवारण अधिनियम, गैंगस्टर, शस्त्र अधिनियम आदि धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हैं। इसके अलावा बलरामपुर और गोरखपुर जिले में भी मुकदमे दर्ज हैं।

बलरामपुर जिले में पहली सितंबर 2024 काे उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। वह बलरामपुर में अपने साथियों के साथ मिलकर गोवंशीय पशुओं को वाहन में लाद रहा था। सूचना पर तुलसीपुर थाना पुलिस वहां पहुंच गई। गो तस्करों से पूछताछ करने लगी। इसी दौरान गो तस्कर जुबैर कुरैशी ने सिपाही मनीष कुमार को सिर पर डंडा मारकर घायल कर दिया था। इसके बाद सभी गाड़ी छोड़कर भाग गए थे।

बलरामपुर पुलिस को वाहन में आठ गोवंशीय पशु मिले थे। तब भी वह फरार हो गया था। डीआइजी गोंडा ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा था। वह गिरफ्तारी से बचने को दूसरे राज्यों में छिपकर रह रहा था। छह जनवरी 2025 को एसटीएफ ने शहजादनगर थाना पुलिस की मदद से उसे मुठभेड़ के बाद दबोच लिया था। बाद में जमानत पर जेल से बाहर आकर फिर अपराध करने लगा था।

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