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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Azam Khan: पत्नी-बेटे के साथ कोर्ट से न‍िकले आजम खान, जेल जाने से पहले क्‍या बोले?

By AgencyEdited By: Vinay Saxena
Published: Wed, 18 Oct 2023 05:21 PM (IST)

Azam Khan News समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान उनके बेटे और अब्दुल्ला और पत्नी को कोर्ट से बड़ा ...और पढ़ें

पुलिस अभिरक्षा में कोर्ट से जेल जाते आजम, अब्दुल्ला आजम और तंजीम फाति‍मा।
पुलिस अभिरक्षा में कोर्ट से जेल जाते आजम, अब्दुल्ला आजम और तंजीम फाति‍मा।

एएनआई, रामपुर। फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में आजम खान, उनकी पत्नी तंजीम फातिमा और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को सजा सुनाए जाने के बाद सपा नेता की प्रत‍िक्रि‍या सामने आई है। कोर्ट से बाहर न‍िकलते वक्‍त पत्रकारों के सवाल पूछे जाने पर आजम ने कहा, "आज फैसला हुआ है, फैसले और इंसाफ में फर्क होता है।"

फर्जी जन्‍म प्रमाण पत्र मामले में कोर्ट ने सुनाई सजा

  

बहुचर्चित फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में रामपुर (एमपी-एमएलए) कोर्ट ने बुधवार को ऐतिहासिक आदेश सुनाते हुए आजम खान, उनकी पत्नी तंजीम फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को सात-सात साल की सजा सुनाई है। कोर्ट की सुनवाई के बाद जब आजम और उनके परिवार को पुलिस अभिरक्षा में जेल ले जाया जा रहा था तो सपा नेता समर्थकों का हुजूम भी जेल के बाहर पहुंच गया और आजम के समर्थन में नारे लगाए। आजम के समर्थकों ने पुलिस के वाहन को चारों तरफ से घेर लिया। पहले से मौजूद पुलिस की टीम ने कड़ी मशक्कत के बीच उन्हें वहां से निकाला और जेल की तरफ रवाना हुए।

सपा प्रमुख अखि‍लेश यादव कहा, "आजम खान साहब के ऊपर लगातार इसी तरह का हमला हो रहा है। बड़ी साजिश की वजह से उनके साथ इस तरह का व्यवहार हो रहा है। बीजेपी के नेता और कुछ बाहर से लाए गए अधिकारी उनके साथ साजिश पहले दिन से कर रहे हैं।"

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'नाइंसाफ़ी के ख़िलाफ एक अदालत अवाम की भी होती है'

अखि‍लेश यादव ने एक्‍स पर एक पोस्‍ट में ल‍िखा, ''माननीय आज़म खान जी और उनके परिवार को निशाना बनाकर समाज के एक पूरे हिस्से को डराने का जो खेल खेला जा रहा है, जनता वो देख भी रही है और समझ भी रही है। कुछ स्वार्थी लोग नहीं चाहते हैं कि शिक्षा-तालीम को बढ़ावा देनेवाले लोग समाज में सक्रिय रहें। इस सियासी साज़िश के ख़िलाफ़ इंसाफ़ के कई दरवाज़े खुले हैं।'' अखि‍लेश ने कहा, ''ज़ुल्म करनेवाले याद रखें… नाइंसाफ़ी के ख़िलाफ़ एक अदालत अवाम की भी होती है।''