सपा नेता आजम खान के खिलाफ 27 किसानों की जमीनें कब्जाने का मामला, 17 जनवरी को होगी सुनवाई
सपा नेता आजम खां पर आलियागंज के 27 किसानों की जमीनें जबरन जौहर यूनिवर्सिटी में मिलाने के मामले में सोमवार को सुनवाई टल गई। अधिवक्ताओं के कार्य न करने ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, रामपुर। सपा नेता आजम खां पर आलियागंज के किसानों की जमीनों को कब्जा कर जौहर यूनिवर्सिटी में मिलने के मामले में सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अधिवक्ताओं ने श्री गुरु गोविंद सिंह महाराज के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में कार्य नहीं किया। इस पर न्यायालय ने सुनवाई के लिए अब 17 जनवरी नियत की है। इसमें गवाही होनी है।
आजम खां पर वर्ष 2019 में ताबड़तोड़ मुकदमे दर्ज किए गए थे। इनमें 27 मामले अजीमनगर थाना क्षेत्र में दर्ज हुए, जो आलियागंज के किसानों ने दर्ज कराए थे। इनमें आजम खां के अतिरिक्त पत्नी पूर्व सांसद डा. तजीन फात्मा, उनके बड़े बेटे अदीब, छोटे बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला, बहन निखत अखलाक, चमरौआ के विधायक नसीर खां, सेवानिवृत्त सीओ आले हसन खां, तत्कालीन अजीमनगर थाना प्रभारी कुशलवीर सिंह, लेखपाल आनंदवीर सिंह, जकी उर रहमान सिद्दीकी, मुश्ताक अहमद सिद्दीकी और फसीह जैदी आरोपित बनाए गए हैं।
इनमें आरोप है कि आजम खां, आले हसन और कुशलवीर सिंह ने किसानों को जबरन उनकी जमीनों को जौहर यूनिवर्सिटी के लिए देने का दबाव बनाया।
इसके लिए उन्हें जबरन हवालात में बंद रखा गया। उन्हें चरस व स्मैक के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। इसके बाद भी बैनामा न करने पर उनकी जमीनों पर जबरन कब्जा कर जौहर यूनिवर्सिटी में मिला लिया गया।
इन मामलों की जांच कर पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिए थे। सभी मामलों की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में चल रही है।
इसमें सभी 27 मामलों की एक साथ सुनवाई का आदेश हो चुका है। इन मामलों में न्यायालय ने अभियोजन को कामन गवाहों की सूची तैयार करने के आदेश दिए थे। सूची तैयार हो गई है। अब गवाहों को बुलाया जाएगा।

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