यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
10-20 रुपये के चक्कर में तुम लोग… इतना कहते ही सिपाहियों ने दो युवकों को पीटा
उत्तर प्रदेश के रायबरेली में दो चालकों को पुलिसकर्मियों द्वारा पीटने का मामला सामने आया है। चालकों ने आरोप लगाया ...और पढ़ें

HighLights
- सिपाहियों द्वारा माफी मंगवा कर मामला रफा दफा
- गाड़ी न रोकने से नाराज सिपाहियों ने की मारपीट
संवाद सूत्र, रायबरेली। जंगल में हाथ देने पर गाड़ी न रोकने से नाराज सिपाहियों ने दो चालकों को जमकर मारा पीटा। घटना से नाराज व्यापारी बड़ी संख्या में कोतवाली पहुंचे, जहां सिपाहियों द्वारा व्यापारियों से माफी मंगवा कर मामले को रफा दफा कर दिया गया।
यह है पूरा मामला
सब्जी व्यापारी सुरेश सोनकर ने कानपुर की चकरपुर मंडी से सब्जी लाने के लिए अपनी दो गाड़ियां भेजी थी। रणगांव निवासी चालक शिवनाथ व जगतपुर के आशीष ने बताया कि वह रात लगभग दो बजे सरेनी के दौलतपुर से भोजपुर होते हुए आ रहे थे। उनके पास लगभग ढाई लाख रुपये नकदी भी था।
भोजपुर के पहले जंगली क्षेत्र में बाइक सवार दो पुलिसकर्मियों ने टॉर्च दिखाकर रुकने का इशारा किया, जिस पर बदमाश होने की आशंका पर उन्होंने गाड़ी नहीं रोकी। इसके बाद भोजपुर चौराहे पर अन्य दो सिपाहियों ने उन्हें वाहन रोकने का इशारा किया तो उन्होंने गाड़ी रोक दी।
इसी दौरान पीछे से पहले वाले सिपाही भी आ गए और गाली गलौज करते हुए कहा कि दस बीस रुपये के चक्कर में तुम लोग गाड़ी नहीं रोकते हो। जब चालकों ने जंगली क्षेत्र होने व लूट के भय से गाड़ी न रोकने की बात कही तो चारों सिपाही दोनों चालकों पर टूट पड़े और डंडों से जमकर पिटाई कर दी, जिसमें शिवनाथ के हाथ व पैर में चोट आई है।
वाहन स्वामी से बातकर छोड़ा
वाहन चालकों ने घटना की जानकारी वाहन स्वामी को दी। वाहन स्वामी से बात करने के बाद सिपाहियों ने दोनों चालकों को छोड़ दिया। घटना को लेकर सब्जी व्यापारियों में खासा आक्रोश है। उनका कहना है कि एक ओर व्यापारियों को बदमाश लूटने में जुटे हैं दूसरी ओर पुलिस परेशान कर रही है।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष रोहित सोनी और नगर अध्यक्ष विवेक शर्मा की अगुवाई में व्यापारी सरेनी थाने पहुंचे और घटना को लेकर आक्रोश जताया, जिस पर कोतवाल ने सिपाहियों को बुला व्यापारियों से माफी मंगवाकर मामला खत्म कर दिया।
