जुखाम-बुखार के साथ ठंड में नौनिहालों को घेर रहा स्केबीज, अस्पतालों में मरीजों की संख्या में हुई बढ़ोतरी
घने कोहरे और शीतलहर के बीच साफ सफाई में लापरवाही और लंबे समय तक मोटे गर्म कपड़ों के उपयोग से नौनिहालों समेत बुजुर्गों में संक्रमण तेजी से अपनी चपेट मे ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
संवाद सूत्र, ऊंचाहार (रायबरेली)। घने कोहरे और शीतलहर के बीच साफ सफाई में लापरवाही और लंबे समय तक मोटे गर्म कपड़ों के उपयोग से नौनिहालों समेत बुजुर्गों में संक्रमण तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है। जिसके कारण बच्चों, बुजुर्गों के शरीर में खुजली, लाल चकत्ते, दाने और त्वचा पर जलन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। सीएचसी में इन दिनों चर्म रोग की समस्या से जुड़े हुए मरीजों की संख्या अधिक देखी जा रही है। इनमें स्केबीज के साथ-साथ सोरायसिस, एलर्जी और खुजली के मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. महमूद अख्तर के अनुसार स्केबीज होने पर बच्चों के शरीर में तेज खुजली, लाल रंग के चकत्ते, छोटे-छोटे दाने, और त्वचा पर जलन की समस्या उत्पन्न हो जाती है। यही नहीं उंगलियों के बीच, गर्दन, पेट, कमर और जांघों के आसपास इसके लक्षण ज्यादा दिखाई देते हैं। रात के समय खुजली का बढ़ जाना इसके प्रमुख संकेत हैं।
उन्होंने बताया कि इलाज के साथ-साथ अभिभावकों को बच्चों व बुजुर्गों के कपड़े प्रतिदिन बदलने और उन्हें एंटीसेप्टिक लिक्विड में धोकर धूप में अच्छी तरह सुखाने, बच्चों को सिंथेटिक और ऊनी कपड़ों के सीधे संपर्क से बचाने और अधिक से अधिक सूती कपड़े पहनाने की सलाह भी दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि इसके लक्षण दिखते ही घरेलू नुस्खों के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। ठंड में थोड़ी सी सतर्कता और स्वच्छता बच्चों व बुजुर्गों को स्केबीज जैसी परेशानी से बचा सकता है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. मनोज शुक्ल ने बताया कि ठंड के मौसम में चर्म रोग के मामलों में तेजी आई है, प्रतिदिन ओपीडी में चर्म रोग से संबंधित करीब 30 से 40 रोजी पहुंच रहे हैं। जिम बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक रहती है। इनमें स्केबीज के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं।

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