रायबरेली में सर्द हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, कड़ाके की ठंड के चलते पांच जनवरी तक स्कूल बंद
नए साल के पहले दिन की अपेक्षा दूसरे दिन शुक्रवार को अधिक गलन रही। दोपहर 12 बजे के करीब हल्की धूप निकली, लेकिन दो घंटे बादल से आसमान में बादल छा गए और ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, रायबरेली। नए साल के पहले दिन की अपेक्षा दूसरे दिन शुक्रवार को अधिक गलन रही। दोपहर 12 बजे के करीब हल्की धूप निकली, लेकिन दो घंटे बादल से आसमान में बादल छा गए और दिन में ठिठुरन काफी बढ़ गई। गलन काफी बढ़ने के बाद सभी बोर्डों के माध्यमिक विद्यालयों को पांच जनवरी तक बंद कर दिया गया है। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव के आसपास जमे रहे। मौसम विज्ञानी ने आने वाले दिनों में उत्तर पश्चिमी हवाओं की गति बढ़ने से ठिठुरन में बढ़ोतरी होने के आसार जताए हैं।
कई विद्यालयों में हाईस्कूल व इंटर के छात्रों की पढ़ाई हो रही थी। कड़ाके की ठंड में विद्यार्थियों को स्कूल जाना पड़ रहा था। अब स्कूलों को पांच जनवरी तक के लिए बंद किया गया है। इसके साथ ही दिसंबर के दूसरे सप्ताह से ही ठंड का असर काफी बढ़ गया था और आखिरी सप्ताह में मात्र दो दिन धूप निकल सकी।
नए साल के पहले दिन अच्छी धूप रही, लेकिन दूसरे दिन सुबह घना कोहरा छाया रहा। इससे सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थमी रही। दोपहर 12 बजे धूप निकली तो लोग घरों से बाहर निकले, लेकिन दो बजे से घने बादल छा गए और गलन भी काफी बढ़ गई। शहर के मुख्य चौराहा हो या फिर गली मुहल्ले, जहां भी अलाव दिखा लोग उसके आसपास जमे रहे।
चंद्र शेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी डा. एसएन सुनील पांडेय का कहना है कि सुबह से घना कोहरा होने के कारण दृश्यता काफी कम रही। इससे सड़कों पर वाहन रेंगते रहे। 24 से 48 घंटे में उत्तर पश्चिमी हवाओं की गति बढ़ेगी। इससे ठिठुरन काफी बढ़ेगी, लेकिन दिन में धूप निकलने से कुछ राहत जरूर मिलेगी।
इसके साथ ही रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। लोगों को अब सतर्क रहने की जरूरत है। किसान फसलाें की निगरानी करें और खेतों में नमी बनाए रखें। पाला पड़ने की स्थिति में खेतों में नमी के कारण नुकसान की संभावनाएं कम होती है।

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